अनिल अग्रवाल
ओडिशा, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में सामुदायिक हितों को नजरअंदाज करने के आरोप अग्रवाल की कंपनी पर लगते रहे हैं। तूतीकोरिन भी इससे कुछ अलग नहीं है। साल 1994 तक तूतीकोरिन प्रोजेक्ट की कड़ी स्क्रूटनी होती थी, लेकिन फिर धीरे-धीरे यह ढीला होता गया। इंडस्ट्री फ्रेंडली कहे जाने वाले 3 राज्यों ने अनिल अग्रवाल को रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद तमिलनाडु की उस समय मुख्यमंत्री रहीं जयललिता ने उन्हें अपने राज्य में आमंत्रण दिया था।