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ऑपरेशन सिंदूर से 'मेड-इन-इंडिया' विमान तक: पीएम मोदी ने बताया बड़ा लक्ष्य, कैप्टन स्मित मच्छार का किया जिक्र

Wed, 07 Oct 2026 11:46 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत संकल्प सभा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने भाषण में भारतीय पायलट स्मिथ मच्छार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि  आज दुनिया में भारत के पायलट की चर्चा है लेकिन भविष्य में ‘मेड-इन-इंडिया’ विमान की बात होगी। इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ की गई ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। 
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पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में उन्होंने विकसित भारत संकल्प सभा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में भारतीय पायलट की चर्चा हो रही है। वह दिन भी दूर नहीं, जब पूरी दुनिया ‘मेड-इन-इंडिया’ विमान की बात करेगी।

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'लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दूरदर्शी नीतियां बनानी होंगी'
पीएम मोदी ने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दूरदर्शी नीतियां बनानी होंगी और साथ ही पूरी मेहनत भी करनी होगी। यह आराम करने का समय नहीं है, बल्कि पूरे जोश के साथ आगे बढ़ने और खुद को राष्ट्र के लिए पूरी तरह समर्पित करने का समय है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवादियों के आकाओं को घर में घुसकर मारा गया, आतंकवाद पर घर में घुसकर कार्रवाई की गई और दुश्मनों को भारत की ताकत दिखाई गई।

भारतीय पायलट से ‘मेड-इन-इंडिया’ विमान तक का सपना
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारतीय पायलट की चर्चा कर रही है। आने वाले समय में दुनिया ‘मेड-इन-इंडिया’ विमान की भी चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य सिर्फ बातों से हासिल नहीं होगा। इसके लिए ऐसी नीतियां बनानी होंगी, जो आने वाले समय की जरूरतों को समझें। इसके साथ ही देश को आगे ले जाने के लिए दिन-रात मेहनत करनी होगी। पीएम मोदी ने साफ कहा कि अभी रुकने या पीछे देखने का समय नहीं है। देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी ताकत और नए उत्साह के साथ आगे बढ़ना होगा।
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ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को दिखी भारत की ताकत
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवादियों के आकाओं पर घर में घुसकर हमला किया गया। आतंकवाद के खिलाफ भारत ने घर में घुसकर कार्रवाई की और दुश्मनों को भारत की ताकत का एहसास कराया। उनके इस बयान में आतंकवाद के खिलाफ भारत की बदली हुई नीति और निर्णायक कार्रवाई का संदेश साफ नजर आया।

25 साल का भरोसा और अनुभव देश की बड़ी पूंजी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 25 साल का जनविश्वास और 25 साल का अनुभव उनके लिए बड़ी पूंजी है। लेकिन यह पूंजी केवल उनकी नहीं, बल्कि देश की है और मां भारती की हर संतान इस पूंजी की अधिकारी है। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि सीखने की ललक उनके जीवन का हिस्सा बन गई। पीएम मोदी ने कहा कि वह आज भी खुद को विद्यार्थी मानते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने ईश्वर से हमेशा यही मांगा कि उनके भीतर सीखने की इच्छा कभी कम न हो।

जिसने गिराया, उसने उठना सिखाया; विरोध ने लोकतंत्र समझाया
पीएम मोदी ने कहा कि जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं तो मन में कृतज्ञता का भाव आता है। जीवन में हुई हर घटना ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया। जिसने उन्हें गिराया, उसी ने खड़ा होना सिखाया और जिसने विरोध किया, उसने लोकतंत्र की ताकत को समझने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि हर संकट उनके धैर्य की परीक्षा रहा, जबकि हर सफलता ने उन्हें बड़े लक्ष्यों की तरफ बढ़ने की ताकत दी। प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को देश की यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि इन अनुभवों ने उन्हें लगातार सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

‘हम सेवक हैं, सेवा हमारा धर्म है’
प्रधानमंत्री ने कहा कि वेद से लेकर स्वामी विवेकानंद तक जिस राष्ट्र ने महान विचारों की परंपरा को आगे बढ़ाया है, जिस देश का अनुभव हजारों वर्षों का है और जिसने पूरी मानवता को इंसानियत पर भरोसा करना सिखाया है, वहां उन्हें कभी यह महसूस नहीं हुआ कि वह अकेले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम सेवक हैं और सेवा ही हमारा धर्म है। दीन-दुखियों की सेवा करना भी हमारा धर्म है। उन्होंने कहा कि देश और समाज की सेवा की भावना ही सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी ताकत है।

पुराने सफर को याद करने का नहीं, नए संकल्प लेने का दिन
प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक जीवन की अपनी यात्रा के हर पड़ाव पर साथ देने वाले स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को सम्मानपूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल पुरानी यादों को ताजा करने का दिन नहीं है। यह अपने संकल्पों को नई ऊर्जा देने का अवसर है। पीएम मोदी ने कहा कि यह उस वादे और इरादे को दोहराने का दिन है कि हम करके रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, ‘वी विल डू इट। वी विल डू इट।’ उन्होंने कहा कि लाल किले से उन्होंने ‘सबका प्रयास’ की बात कही थी और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जरूरी जज्बा एक ही संदेश देता है—हम करके रहेंगे।
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विकसित भारत से ओलंपिक तक, पीएम मोदी ने लगवाए बड़े संकल्पों के नारे
पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से नारे लगवाते हुए कहा, ‘विकसित भारत बाय 2047, वी विल डू इट। तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वी विल डू इट। आत्मनिर्भर भारत वी विल डू इट। ओलिंपिक्स का आयोजन वी विल डू इट। अंतरिक्ष में कदम वी विल डू इट।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऊर्जा और आत्मविश्वास अद्भुत है। जहां ये बातें लहू बनकर दौड़ती हैं, उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की इस यात्रा को लोग उपलब्धि के तौर पर देखते हैं, लेकिन अब इन उपलब्धियों को आगे के बड़े लक्ष्यों की नींव बनाना है।

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