देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने रक्षा से लेकर फार्मा तक की एफडीआई नीति को और सरल बना दिया है। इसके अलावा खाद्य उत्पाद, नागरिक विमानन, सिंगल ब्रांड रिटेल, प्राइवेट एजेंसी जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी की बैठक में नियमों के सरलीकरण को मंजूरी दे दी गई।
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई के तहत स्टोर खोलने वाली कंपनी को स्थानीय स्तर पर 30 फीसदी की खरीदारी करने की अनिवार्य शर्त से छूट दे दी गई। सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी तक एफडीआई की इजाजत हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर खरीदारी की शर्त से छूट पहले तीन साल के लिए होगी। लेकिन तीन साल के बाद स्थानीय स्तर पर खरीदारी अनिवार्य होगा। एप्पल जैसी कई कंपनियां सिंगल ब्रांड रिटेल में स्थानीय स्तर पर खरीदारी की शर्त से छूट मांग रही थी।
खाद्य पदार्थ
भारत में निर्मित या उत्पादित खाद्य पदार्थों के प्रोत्साहन के लिए भी इससे जुड़े एफडीआई नियमों में बदलाव किया गया है। अब भारत में निर्मित या उत्पादित खाद्य पदार्थों के कारोबार के लिए 100 फीसदी एफडीआई के तहत स्टोर खोले जा सकेंगे और इसके लिए सरकार की इजाजत नहीं लेनी होगी। स्वदेशी खाद्य पदार्थों के ई-कारोबार में 100 फीसदी एफडीआई की इजाजत दे दी गई है।
रक्षा
अब स्माल आम्र्स के क्षेत्र में भी एफडीआई की इजाजत दे दी गई है। रक्षा क्षेत्र में 49 फीसदी तक के एफडीआई के लिए सरकार से कोई इजाजत की जरूरत नहीं है जबकि इससे अधिक एफडीआई के लिए सरकार की इजाजत लेनी पड़ती है। अभी रक्षा क्षेत्र में 49 फीसदी से अधिक ए$फडीआई की मंजूरी प्रस्ताव के आधार पर दिए जाने का प्रावधान है। वहीं जो कंपनी भारत में एफडीआई के तहत यूनिट लगाएगी, उसे भारत को तकनीक भी देने की शर्त है।