तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो : AMAR UJALA
तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों के लिए आज वोटिंग हो रही है। राज्य में कुल 2,290 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। पिछले दोनों चुनाव में विजयी रही सत्ताधारी पार्टी बीआरएस के सामने इस बार सरकार बचाने की चुनौती होगी। वहीं, विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने को देखेंगे। इस बीच आज हम आपको तेलंगाना चुनाव से जुड़ी 10 हम बता रहे हैं जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है।
Telangana Election 2023
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कुल सीटें:
तेलंगाना में विधानसभा की 119 सीटें हैं। सबसे ज्यादा हैदराबाद जिले में 15 विधानसभा सीटें पड़ती हैं। वहीं मुलुगु, वानापर्थी और जयशंकर भूपालपल्ले जिलों में सबसे कम एक-एक सीटें हैं।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
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हॉट सीटें:
राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव दो विधानसभा क्षेत्रों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ये सीटें कामारेड्डी और गजवेल हैं। गजवेल में सीएम के सामने भाजपा के एतला रजिंदर हैं जबकि कामारेड्डी में कांग्रेस सांसद रेवंत रेड्डी चुनौती दे रहे हैं।
इसके अलावा जुबली हिल्स सीट से मोहम्मद अजहरुद्दीन, चन्द्रयानगुट्टा से अकबरुद्दीन ओवैसी, करीमनगर से बी. संजय कुमार, सिरसिला से केटी रामाराव, सिद्दिपेट से हरीश राव, हुजूरनगर से उत्तम कुमार रेड्डी, गोशामहल से टी. राजा सिंह और मल्काजगिरि से एम. हनुमंत राव की दावेदारी से संबंधित सीटों का मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
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मतदाता:
तेलंगाना में कुल 3,17,32,727 मतदाता राज्य में उतरे 2290 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इनमें से सामान्य मतदाताओं की संख्या 3,17,17,389 और सेवा मतदाताओं की संख्या 15,338 है। इसके साथ ही राज्य में 5,06,493 दिव्यांग मतदाता, 2,557 थर्ड जेंडर मतदाता और वरिष्ठ 4,43,943 नागरिक (80+) मतदाता हैं।
मतदान केंद्र:
तेलंगाना में सुचारू रूप से मतदान कराने के लिए 35,356 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2018 में मतदान केंद्रों की संख्या 32,812 थी।
मुख्यमंत्री पद के चेहरे:
राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री और सत्ताधारी बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव हैं। बीआरएस इस बार भी उनके चेहरे के साथ ही चुनाव में गई है।
राज्य की मुख्य विपक्षी भाजपा के रुख की बात करें तो वह इस चुनाव में सामूहिक नेतृत्व के जरिए जनता के सामने गई है। इसके साथ ही भाजपा ने एलान किया है कि यदि वह सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री ओबीसी वर्ग से होगा।
दूसरी ओर कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री पद की रेस में कई चेहरों की चर्चा है। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी, सांसद उत्तम कुमार रेड्डी और कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, खम्मम जिले से तीन बार के विधायक मल्लू भट्टी विक्रमार्क और आदिवासी नेता सीताक्का शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व कई बार दलित नेता को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने के संकेत देता रहा है।
चुनाव के बड़े मुद्दे:
राज्य में विपक्षी दलों ने बार-बार बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे उठाए हैं। भर्तियों के मुद्दे पर राज्य में आए दिन बेरोजगार धरना-प्रदर्शन करते रहे। पिछले विधानसभा चुनाव में बीआरएस सरकार ने बेरोजगारों को भत्ता देने का एलान भी किया गया था, जिसको लागू नहीं करने से युवाओं में गुस्सा देखा गया है। यही कारण है कि युवाओं को रिझाने के लिए बीआरएस ने 'विद्यार्थी और युवजन' जैसे कार्यक्रम शुरू किया। मंत्री केटीआर का दावा है कि राज्य सरकार ने दो लाख युवाओं को नौकरियां देने का अपना काम किया है।
इस चुनाव में राज्य में महिलाओं, आदिवासियों और किसानों से जुड़े मुद्दे भी हैं। इन मुद्दों को लेकर जहां विपक्षी दल सरकार को घेर रहे हैं, वहीं सरकार का दावा है कि उसने सभी वर्गों के लिए काम किया है।
हाल ही में रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीआरएस पर परिवारवाद का आरोप लगाया है। पीएम ने एक सभा में कहा था कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रजा का महत्व होना चाहिए, परिवारवादियों का नहीं और इन्होंने तो लोकतंत्र को लूट-तंत्र बना दिया है, प्रजातंत्र को परिवार-तंत्र बना दिया है। इसके साथ ही पीएम ने महिला आरक्षण को भी सामने रखा था।
महिला वोटर को साधने के लिए कर्नाटक की तरह तेलंगाना में भी कांग्रेस गारंटियों की बात कर रही है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कई मौकों पर कर्नाटक विधानसभा में पार्टी द्वारा किए गए चुनावी वादों का जिक्र किया है।
कुल उम्मीदवार:
यहां कुल 2,290 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 2290 उम्मीदवारों में से 355 राष्ट्रीय पार्टियों से हैं, 175 राज्य पार्टियों से हैं और 771 गैर मान्यता प्राप्त दल पंजीकृत पार्टियों से हैं। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 989 है।
करोड़पति उम्मीदवार:
2290 उम्मीदवारों में से 580 (25%) करोड़पति हैं। प्रमुख पार्टियों में बीआरएस के 119 उम्मीदवारों में से 114 (96%), कांग्रेस के 118 उम्मीदवारों में से 111 (94%), भाजपा के 111 उम्मीदवारों में से 93 (84%) की संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक की है।
सबसे अमीर प्रत्याशी:
606 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ कांग्रेस के गद्दाम विवेकानन्द राज्य के सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। विवेकानन्द मंचेरियल चेन्नूर (एससी) सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
इसके बाद कांग्रेस के कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी का नाम है। मुनुगोडे सीट से उतरे राजगोपाल रेड्डी की संपत्ति 458 करोड़ रुपये की है।
तीसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार पी. श्रीनिवास रेड्डी हैं। पलाइर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी की दौलत 433 करोड़ रुपये की है।
दोबारा चुनाव लड़ रहे विधायक:
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 में 103 विधायक फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। इन 103 विधायकों में से 90 विधायकों (87%) की संपत्ति 3% से 1331% तक बढ़ गई है। वहीं 13 विधायकों (13%) की संपत्ति में -1% से -79% तक की कमी आई है।