यह युद्धपोत ब्रह्मोस मिसाइल, टारपीडो लांचर, सोनार और अन्य आधुनिक नियंत्रण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण घटकों से लैस है। जलावतरण कार्यक्रम में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर वाइस एडमिरल एस जे सिंह, युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण के नियंत्रक वाइस एडमिरल राजाराम स्वामीनाथन और अन्य भारतीय नौसेना के अधिकारियों सहित वरिष्ठ गणमान्य उपस्थित थे।
भारतीय नौसेना की परियोजना 11356 (यार्ड 1259) के दूसरे युद्धपोत (फ्रिगेट) 'तवस्य' का शनिवार को गोवा में जलावतरण किया गया। नौसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह युद्धपोत भारत की आत्मनिर्भरता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 3800 टन वजनी इस पोत को आक्रामक और रक्षात्मक संचालन की विविध रेंज को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया है। यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक प्रभुत्व और क्षमता सुनिश्चित करता है।
यह युद्धपोत ब्रह्मोस मिसाइल, टारपीडो लांचर, सोनार और अन्य आधुनिक नियंत्रण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण घटकों से लैस है। जलावतरण कार्यक्रम में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर वाइस एडमिरल एस जे सिंह, युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण के नियंत्रक वाइस एडमिरल राजाराम स्वामीनाथन और अन्य भारतीय नौसेना के अधिकारियों सहित वरिष्ठ गणमान्य उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि सेठ ने केवल आठ महीनों के भीतर फ्रिगेट लॉन्च करने में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की असाधारण उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने नौसेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह लॉन्च भारत के नौसेना इतिहास में एक निर्णायक क्षण है, जो देश की तकनीकी क्षमताओं और आत्मनिर्भरता के लिए अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।