फ्रांसीसी नौसेना ने रविवार को पाकिस्तान मीडिया की सख्त आलोचना की और उस पर 'भ्रामक जानकारी और झूठी खबरें' फैलाने का आरोप लगाया। दरअसल, भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पाकिस्तान के एक मीडिया आउटलेट की ओर से रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एक फ्रांसीसी अधिकारी ने पाकिस्तान की हवाई श्रेष्ठता की पुष्टि की और मई में सीमा पर हुए टकराव में भारतीय राफेल लड़ाकू विमानों को गिराए जाने की बात कही।
'मरीन नेशनल' ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि रिपोर्ट में टिप्पणी गढ़ी गई थीं और अधिकारी की पहचान भी गलत तरीके से की गई थी। बयान में कहा गया, फेक न्यूज- इन बयानों को कैप्टन लौने से जोड़ दिया गया है, जिन्होंने किसी भी तरह के प्रकाशन की सहमति नहीं दी। यह लेख व्यपाक भ्रामक जानकारी और झूठी खबरें फैलाता है।
पाकिस्तान के जिओ टीवी की 21 नवंबर की रिपोर्ट में जैक्स लौने को कथित तौर पर पाकिस्तान की वायु सेना की तारीफ करते दिखाया और यह दावा किया कि भारतीय राफेल विमानों को चीन के समर्थन से गिराया गया। फ्रांसीसी नौसेना ने कहा कि अधिकारी का असली नाम कैप्टन इवान लौने है और उन्होंने वास्तव में कोई भी टिप्पणी नहीं की थी।
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नौसेना ने स्पष्ट किया कि नाम का पहला शब्द इवान है, जैक्स नहीं। रिपोर्ट के अनुसार उनकी जिम्मेदारियों केवल उस नौसैनिक हवाई अड्डे का नेतृत्व करना है, जहां फ्रांसीसी राफेल समुद्री विमान तैनात हैं। बयान के मुताबिक, इवान लौने ने हिंद-प्रशांत सम्मेलन में तकनीकी प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) दी और राफेल लड़ाकू विमा के मिशन, अपने नौसैनिक हवाई अड्डे के संसाधनों और फ्रांसीसी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की जानकारी साझा की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कथित तौर पर भारतीय विमानों के गिरने या चीनी प्रणालियों द्वारा राफेल लड़ाकू विमान को बाधित करने पर कोई टिप्पणी नहीं की।
फ्रांसीसी नौसेना ने दोहराया कि ऐसी कोई टिप्पणियां नहीं की गईं जो पाकिस्तानी आउटलेट द्वारा प्रकाशित दावे के अनुरूप हों, जिसमें कहा गया था कि लौने ने राफेल के प्रदर्शन संबंधी मुद्दों को ऑपरेशनल खामियों की जानकारी दी और इसकी चीनी जे-10सी से तुलना की।
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मलवीय ने फ्रांसीसी नौसेना की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जिओ टीवी की रिपोर्ट को 'पुराने, गढ़े हुए दावे' करार दिया और रिपोर्टर हामिद मीर पर तंज कसा। उन्होंने एक्स पर लिखा, फ्रांसीसी नौसेना ने पाकिस्तान के जिओ टीवी और उसके संवाददाता हामिद मीर को भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए सार्वजनिक रूप से लताड़ा। उनकी रिपोर्ट में राफेल और मई संघर्ष के पुराने, गढ़े हुए दावे फिर से पेश किए गए और अब यह सार्वजनिक रूप से उजागर हो गया है।