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राफेल विवाद : फ्रांस सरकार ने भारत के मुकाबले सस्ते विमान खरीदने का किया खंडन

Wed, 16 Jan 2019 07:17 AM IST
यशवीर सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Rafale
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फ्रांस सरकार का दशॉल्ट एविएशन के साथ 28 राफेल विमानों के लिए 2 बिलियन यूरो के अनुबंध की खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस खबर का खंडन करते हुए फ्रांस सरकार ने कहा है कि 28 विमानों की खरीद के लिए 2 बिलियन यूरो का आंकड़ा वास्तव में राफेल के नए एफ4 संस्करण के विकास के लिए था। 

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बता दें कि इससे पहले खबर में चर्चा थी कि एफ4 विमान 2024 तक तैयार किए जाएंगे। हालांकि इसके कुछ खास फीचर 2022 तक विकसित हो जाएंगे। भारत में जो राफेल आएंगे, उनके मुकाबले ये लड़ाकू जहाज हर तरीके से बेहतर बताए जा रहे हैं। इनकी मारक क्षमता ज्यादा होगी। साथ ही एफ4 राफेल में नए हथियार, जिनमें हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल भी शामिल है, फिट किए जा सकेंगे। सभी 28 उन्नत राफेल विमान एफ4 मानक से लैस होंगे और फ्रांस एयरफोर्स को इनकी सप्लाई 2023 तक शुरू हो जाएगी। 

चर्चा में यह भी था कि रक्षा मंत्री फ्लोरेंस परली के मुताबिक, 2023 में एफ 4 मानक वाले 30 और विमानों का ऑर्डर दिया जाएगा जिनकी डिलीवरी 2027 और 2030 में होगी। अनुबंध के मुताबिक, एक विमान की कीमत 567 करोड़ रुपये होगी, जबकि भारत को जो राफेल मिल रहे हैं, उसका दाम 16 सौ करोड़ रुपये से लेकर 17 सौ करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है।  
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा था कि फ्रांस सरकार राफेल का अपडेट वर्जन खरीद रही है। खास बात है कि 28 अपडेट राफेल की कीमत 2 बिलियन यूरो रखी गई है, जबकि मोदी सरकार जो राफेल खरीद रही है, उनकी कीमत 7.87 बिलियन है। भूषण के मुताबिक, भारत सरकार ने फ्रांस को करीब ढाई गुना ज्यादा कीमत अदा की है। इसका मतलब अंबानी को कथित तौर पर 30 हजार करोड़ रुपये का कमीशन बतौर ऑफसेट कॉंटेक्ट दिया गया है। वहीं अब जब फ्रांस सरकार की तरफ से इस खबर का ही खंडन किया जा रहा है तो लाजमी है कि यह विवाद जोर तो पकड़ेगा।

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