राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रवक्ता व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक ने फ्रांसीसी दूतावास के कर्मचारियों और उनके संबंधियों को मॉडर्ना कंपनी का टीका लगाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मॉडर्ना की वैक्सीन भारत आ रही है और लोगों का टीकाकरण भी हो रहा है। ये वैक्सीन कैसे आ रही है और कैसे लग रही है। केंद्र सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
मलिक ने कहा, भारत सरकार ने देश में तीन टीकों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। इसमें सिरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन के अलावा रूस की स्पुतनिक भी शामिल है। लेकिन नवी मुंबई के अपोलो अस्पताल में दूतावास के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके संबंधियों को मॉडर्ना की खुराक दी जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि जिस वैक्सीन को देश में अभी तक मंजूरी नहीं मिली है उसे कैसे मंगाया जा रहा है। यदि फ्रांसीसी दूतावास के लिए मॉडर्ना की वैक्सीन देश में आ सकती है तो भारत सरकार देश के नागरिकों के लिए यह वैक्सीन क्यों नहीं मंगा रही है। एनसीपी नेता मलिक ने इस संबंध मे एक ट्वीट किया है जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।