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अभिव्यक्ति की आजादी देश को बर्बाद करने की छूट नहीं देती: जेटली

Sun, 20 Mar 2016 05:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्र और राष्ट्रीयता के मुद्दे को एक बार फिर से दोहराते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं होता कि आप देश को बर्बाद करने की बात कहें। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बैठक के दूसरे दिन भी राष्ट्रीयता का मुद्दा चर्चा में रहा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बातों को समर्थन करते हुए जेटली ने भी देश पर हमला करने वालों को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही।  उन्होंने कहा, 'अभिव्यक्ति की आजादी और देशभक्ति दोनों एक साथ होनी चाहिए। इसके लिए हमारा संविधान हमें किसी मुद्दे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की आजादी देता है, लेकिन देश को बर्बाद करने के लिए।'

केंद्रीय मंत्री से जब 'भारत माता की जय' बोलने के नारे लगाने की बात पूछी गई तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी का यह मामना है कि इस तरह के मुद्दे को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए और यह कोई बहस का मुद्दा नहीं है।
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'मुख्य विपक्षी पार्टी एकदम निचले स्तर पर चली गई'

हालांकि, उन्होंने इशारों ही इशारों में इस मुद्दे पर अपनी मंशा जाहिर कर दी। उन्होंने शनिवार को कोलकाता के ईडन गार्डन में हुए भारत-पाकिस्तान मैच का जिक्र करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि लोगों को नारा लगाने में कोई दिक्कत नहीं है। हमने कल (शनिवार) कोलकाता में यह देखा।'

इस दौरान उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। जेटली ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी एकदम निचले स्तर पर चली गई है। इसका हाल यह है कि वह चुनाव के दौरान जिन दलो के साथ गठबंधन करती है उसमें उसका स्थान सबसे नीचे होता है। बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु इसका उदाहरण हैं।

जेटली ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के बीच चल रहे पशोपेश की स्थिति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भले ही दोनों पार्टियों के बीच सरकार बनाने पर सहमति नहीं बन पाई हो लेकिन पूर्व सहयोगी के लिए हमारे दरवाजे तब तक खुले रहेंगें जब तक वह अतिरिक्त शर्तों को मनवाने की जिद नहीं छोड़ देते।
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