फ्रांसीसी पत्रकार वैनेसा डौगनैक
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फ्रांस के राष्ट्रपति अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान फ्रांसीसी पत्रकार वैनेसा डौगनैक को जारी किए गए नोटिस का मुद्दा भी रखा गया। फ्रांसीसी अधिकारियों ने इस पर चिंता जताई है। फ्रांसीसी अधिकारियों को भारत के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला देश के नियमों और कानूनों का है। यह उनकी पत्रकारिता से जुड़ा मामला नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को पत्रकार को नोटिस दिया गया था। डौगनैक 2001 से नई दिल्ली में हैं। वह फ्रांसीसी मीडिया कंपनी ले क्रोइक्स के लिए काम करती हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि डौगनैक की पत्रकारिता आलोचनात्मक है। वे भारत में पक्षपात पैदा करती हैं। उनकी गतिविधियां भड़काऊ है। वे देश की शांति को भंग कर सकती है।
बता दें, केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत संचालित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) ने डौगनैक को नोटिस जारी किया था और स्पष्टीकरण मांगा था। नोटिस में उनसे यह बताने के लिए कहा गया है कि उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड वापस क्यों नहीं लिया जाए। विदेश मंत्रालय के सचिव का कहना है कि हमें मामले की जानकारी है। संबंधित विभाग मामले से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह पत्रकारिता या किसी अन्य पहलुओं से जुड़ा है। यह देश के कानून का मामला है। क्वात्रा ने कहा कि हमने इस मुद्दे को फ्रांस के सामने रख दिया है।