अदालत ने पीड़िता और आरोपी की उम्र, अपराध के तरीके आरोपी के शर्मनाक आचरण पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अपराध की गंभीर प्रकृति और नाबालिग पीड़िता द्वारा झेले गए मानसिक आघात को देखते हुए उसे मुआवजा दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र के ठाणे की विशेष पॉक्सो अदालत ने चार साल पहले आठ वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म करने के मामले में 56 साल वर्षीय फूफा को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसने 2020 में कई बार अपनी भतीजी के साथ दुष्कर्म किया।
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न्यायाधीश वीएल भोंसले ने कहा कि 56 वर्षीय आरोपी को न्यूनतम सजा से अधिक सजा देने का कोई कारण नहीं है। साथ ही उसे पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने पीड़िता और आरोपी की उम्र, अपराध के तरीके आरोपी के शर्मनाक आचरण पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया। अदालत ने मीरा रोड निवासी आरोपी पर एक हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अपराध की गंभीर प्रकृति और नाबालिग पीड़िता द्वारा झेले गए मानसिक आघात को देखते हुए उसे मुआवजा दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए।
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यह है मामला
विशेष लोक अभियोजक वर्षा चंदाने ने बताया कि पीड़िता और आरोपी रिश्तेदार हैं। मार्च 2020 में पीड़िता की मां ने उसे अपनी ननद के घर भेज दिया था। मार्च से जून 2020 के बीच उसकी ननद के पति ने कई मौकों पर घर में लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
बताया गया कि इस दौरान पीड़िता की मां उत्तर प्रदेश के प्रयागराज गई हुई थी और कोविड-19 और लॉकडाउन के कारण वापस नहीं आ सकी। इस बीच पीड़ित बच्ची एक अन्य रिश्तेदार के घर गई और घटना की जानकारी दी। जब उसकी मां लौटी तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।