कोरोना वायरस की दूसरी लहर के घातक होने के कारण बढ़ी मांग के सामने कोरोना टीके की घरेलू सप्लाई बौनी पड़ गई है। इसके चलते मंगलवार को दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का भी नाम उन राज्यों में जुड़ गया, जो इस संकट का हल वैश्विक बाजारों में तलाश रहे हैं। इन चारों राज्यों ने भी टीका खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 18 करोड़ से ज्यादा टीके मुफ्त में उपलब्ध कराने की बात कही थी। लेकिन ज्यादातर राज्य टीकों की जबरदस्त कमी की शिकायत कर रहे हैं और अब उन लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्हें एक तय समयांतराल में दूसरी खुराक दी जानी है।
यूपी दे चुका है 4 करोड़ टीकों का आर्डर
इससे पहले उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा ग्लोबल टेंडर के जरिये टीके खरीदने की तैयारी कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने मई की शुरुआत में ही 4 करोड़ टीकों की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। राज्य के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि यूपी बड़े पैमाने पर रूस की स्पूतनिक-5 या मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की तरफ से विकसित टीकों की सीधी खरीद के प्रयास में है।
इन्होंने कहा...
बढ़ी हुई मांग को पूरा करने और 18-44 साल आयुवर्ग का टीकाकरण करने के लिए ग्लोबल टेंडर के जरिये 2 करोड़ टीके खरीदे जाएंगे। अभी तक हम केवल केंद्र सरकार की टीका सप्लाई पर निर्भर थे। अब टीका खरीद के लिए खुले बाजार में टेंडर जारी करने और सात दिन के अंदर सारी प्रक्त्रिस्या पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
- सीएन अश्वथ नारायण, उपमुख्यमंत्री, कर्नाटक
भाजपा शासित केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकारों को टीका खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित करने का दबाव बनाया जा रहा था। हम भी ग्लोबल टेंडर के जरिये टीका खरीदेंगे।
- मनीष सिसौदिया, उपमुख्यमंत्री, दिल्ली
तेलंगाना सरकार की कैबिनेट ने कोविड-19 टीका खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है।
- राज्य सरकार का आधिकारिक बयान
हम किसी विदेशी उत्पादक से टीकों की खरीद का विकल्प तलाश रहे हैं, क्योंकि यहां कोविशील्ड और कोवैक्सीन की कम सप्लाई का संकट बना हुआ है। हम अगले 1-2 दिन में ग्लोबल टेंडर जारी कर देंगे।
- अनिल कुमार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, आंध्र प्रदेश
केजरीवाल और वाईएस लिख चुके पीएम को पत्र
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगह मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। दोनों ने पीएम से टीकों का घरेलू उत्पादन बढ़ाए जाने की गुहार लगाई है।
रेड्डी ने पत्र में कहा, सभी का तेजी से टीकाकरण करने में कई महीने लग सकते हैं। ऐसे में इस तरह की सभी निर्माता कंपनियों को टीका निर्माण की तकनीक दिलाकर टीका उत्पादन तेज और सस्ता बनाया जा सकता है। व्यापन जनहित को ध्यान में रखते हुए टीका उत्पादन के इच्छुक सभी लोगों को प्रेरित किया जाना चाहिए।
केजरीवाल ने भी पत्र में कहा कि केंद्र को कोविशील्ड और कोवैक्सीन के उत्पादकों का वैक्सीन फॉर्मूला अन्य योग्य दवा निर्माताओं के साथ साझा कर देश में उत्पादन बढ़ाना चाहिए।