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सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के चार और हाईकोर्ट में तीन पद खाली, कॉलेजियम की सिफारिश का इंतजार

Mon, 12 Oct 2020 02:38 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के चार पद रिक्त हैं और तीन हाईकोर्ट बिना नियमित मुख्य न्यायाधीशों के ही संचालित हो रहे हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इन पदों को भरने के लिए कानून मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशें मिलने का इंतजार कर रहा है।

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जस्टिस रंजन गोगोई के नवंबर 2019 में मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद से सुप्रीम कोर्ट में उनकी जगह रिक्त है। इसके अलावा जस्टिस दीपक गुप्ता, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अरुण मिश्रा भी अपने पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनकी जगह भी खाली पड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 है जबकि अभी 30 ही न्यायाधीश काम कर रहे हैं।


वहीं मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुवाहाटी हाईकोर्ट नियमित मुख्य न्यायाधीशों के बिना ही हैं। हाईकोर्टों का नित्य प्रतिदिन की कार्यवाही प्रभावित न हो, इसलिए मुख्य न्यायाधीशों की गैरमौजूदगी में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की गई है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और तीन हाईकोर्ट में इन रिक्तियों को भरने के लिए अभी तक कॉलेजियम से कोई सिफारिश नहीं मिली है। कोर्टों में रिक्तियां न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त, इस्तीफे या पदोन्नति के चलते बढ़ रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट और देशभर के 25 हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम नामों की सिफारिश सरकार से करती है। इसके जवाब में सरकार नामों को स्वीकार करती है या फिर नामों पर पुनर्विचार के लिए कॉलेजियम को वापस कर देती है।

कॉलेजियम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और चार सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश होते हैं। 25 हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 1079 है। इस साल एक अक्तूबर तक, इन हाईकोर्ट में 404 रिक्तियां थी। इनमें से सबसे अधिक 60 रिक्तियां इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैं।  

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