प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के पहचान पत्रों के जरिये महंगे मोबाइल खरीदने के कर्ज फर्जीवाड़े में गुजरात पुलिस ने एक बैंक कर्मचारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर अज्ञात लोगों को नाम पर कर्ज लेकर मोबाइल खरीदने और फिर उसे अन्य लोगों को बेचने का आरोप है।
कर्ज लेकर महंगे मोबाइल खरीदकर बेच देते थे चारों शातिर
अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा ने विस्तृत जांच के बाद रविवार को चारों आरोपियों को धर दबोचा। इन लोगों ने दस लोगों को चूना लगाया है। मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने मोबाइल खरीदने के लिए कोई ऋण लिया ही नहीं उसके बावजूद उससे बैंक ने उसके खाते से कर्ज की पहली ईएमआई काट ली। उसके नाम पर 1.20 लाख रुपये के दो मोबाइल खरीदे गए थे।
ईएमआई कटते ही पीड़ित ने क्राइम ब्रांच को खबर दी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपियों ने न सिर्फ पीड़ित के मुद्रा योजना के पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया बल्कि उनके फर्जी दस्तखत भी किए। गिरफ्तार लोगों में एक बैंक कर्मी, मोबाइल की दुकान पर काम करने वाला एक कारीगर, पुराने फोनों की बिक्री करने वाला एक व्यक्ति और पहचान पत्रों, आधार कार्ड व पैन कार्ड की कॉपी मुहैया कराने वाला एक व्यक्ति शामिल है।