केंद्रीय कैबिनेट ने अगस्त 2018 में एनडीआरएफ की चार नई बटालियनों के गठन की अनुमति दी थी। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने अक्तूबर 2018 में इन चार बटालियनों की मंजूरी के लिए आदेश जारी किया था। इनमें से दो भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, एक असम राइफल्स और एक सीमा सुरक्षा बल से है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चार नई बटालियन अगले साल से पूरी तरह से काम करने लगेंगी। इन बटालियन का बेस जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) होगा। इससे बाढ़, चक्रवात जैसे प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों को राहत-बचाव और सुरक्षा बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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केंद्रीय कैबिनेट ने अगस्त 2018 में एनडीआरएफ की चार नई बटालियनों के गठन की अनुमति दी थी। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने अक्तूबर 2018 में इन चार बटालियनों की मंजूरी के लिए आदेश जारी किया था। इनमें से दो भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, एक असम राइफल्स और एक सीमा सुरक्षा बल से है।
आईटीबीपी की यह बटालियन हिमाचल के लिए तो दूसरी उत्तराखंड के लिए है जबकि असम राइफल्स की लद्दाख व जम्मू-कश्मीर के लिए और बीएसएफ की बटालियन एनसीआर के लिए है। एक बटालियन ने अपनी बेसिक ट्रेनिंग पूरी कर ली है और आईटीबीपी की दो बटालियनों की बेसिक ट्रेनिंग चल रही है जबकि बीएसएफ की एक बटालियन की ट्रेनिंग अगले एक साल में पूरी हो जाएगी।
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एनडीआरएफ के आईजी अमरेंद्र कुमार सेंगर ने कहा कि अभी एनडीआरएफ की 12 बटालियन पूरी तरह से काम कर रही हैं। दो साल पहले केंद्र सरकार ने चार बटालियनों को मंजूरी दी थी। इन चार बटालियनों में से तीन पूरी तरह से तैयार हैं।
असम राइफल्स की एक बटालियन पूरी तरह से प्रशिक्षित हो चुकी है और आईटीबीपी की दो बटालियन जल्द ही अपना प्रशिक्षण पूरा कर लेंगी और बीएसएफ की बटालियन का अगले एक साल में प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि असम राइफल्स की बटालियन ने अन्य बटालियनों की तरह राहत ऑपरेशनों में हिस्सेदारी शुरू कर दी है। इन चार नई बटालियनों के शामिल होने के बाद एनडीआरएफ में 4500 से अधिक प्रशिक्षित कर्मी हो जाएंगे।