नोटबंदी के चलते मौत का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। करेंसी के अभाव में यूपी में तीन व पंजाब में एक की मौत हो गई। कानपुर देहात व फीरोजाबाद में दो लोगों को इलाज के अभाव में जान गंवानी पड़ी, जबकि मेरठ में एक की हार्ट अटैक के चलते जान चली गई। वहीं लुधियाना में नोट बदली न होने से परेशान एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर जान दे दी।
18 नवंबर की रात गढ़ेवा, ककवन (कानपुर देहात) निवासी अखिलेश त्रिपाठी (42) बिल्हौर से अपनी वैन से लौट रहे थे। अलियापुर के पास रात 12 बजे के करीब ट्रक ने उनकी वैन में टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें हैलट लाया गया। यहां इलाज में देरी के चलते अखिलेश को मरियमपुर हॉस्पिटल के पास स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक नर्सिंगहोम ने पुराने नोट लेने से इनकार कर दिया। जिससे इलाज में देरी से उसकी मौत हो गई।
वहीं फीरोजाबाद में थाना नसीरपुर के सिकंदरपुर निवासी अनिल कुमार उर्फ टेलू यादव की आगरा में उपचार के अभाव में मौत हो गई। इसी तरह मेरठ में बैंक से बीमार बेटे के लिए पैसा न मिल पाने के कारण शनिवार दोपहर किठौर कस्बे में पीएचसी के चौकीदार इस्लाम (40) की हार्ट अटैक से मौत होने का मामला सामने आया है। उधर, लुधियाना के शिवपुरी इलाके में रहने वाले अनिल कुमार ने नोट बदली न होने से परेशान होकर फंदा लगा जान दे दी। अनिल तीन दिन से बैंक जा रहा था लेकिन नए नोट नहीं मिल सके। उसके पास घर का खर्च चलाने को भी पैसे नहीं बचे थे।