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दहेज प्रथा के विरोध में पेश की अनूठी मिसाल, एक साथ की चार बेटियों की शादी

Thu, 14 Jul 2016 03:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अागरा
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गांव रसूलपुर के डा. रामनिवास ने दहेज प्रथा के विरोध में अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी चार बेटियों की शादी एक साथ एक ही दिन में की। इसमें एक रुपया भी दहेज नहीं दिया। रात में लाइटिंग में होने वाला खर्च बचाने के लिए चारों शादियों दिन में की गई।
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गांव वालों ने इस पहल को सराहा है। मथुरा के महावन और अरहारा से जब बरात पहुंची तो पूरे गांव ने उनका दिल खोलकर स्वागत सत्कार किया।
इस विवाह में एक ही घर में चार मंडप सजाये गये।

डा. रामनिवास ने चारों बेटी वीरू, रवीना, पूजा, रितू की शादी एक साथ की। चारों बीए की पढ़ाई कर रही हैं। डा. रामनिवास गुर्जर ने बताया कि समाज में फैली दहेज प्रथा के विरोध में उन्होंने अपनी बेटियों की शादी दहेज रहित करने की ठानी थी। इसके लिये बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आखिर उन्हें बेटियों के लिये दूल्हे मिल गये जो कि बिना दहेज के शादी करने को तैयार थे।

उन्होंने बताया कि मथुरा के महावन निवासी नरायन सिंह के दो पुत्र सोम प्रताप से नीरू और शिवा के साथ पूजा। जबकि मथुरा के ही अरहारा निवासी भैरों सिंह के दो पुत्र उपेंद्र सिंह के साथ रवीना और दीपक  के साथ रितू की शादी हो रही है।
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रिश्तेदार नारायण सिंह पटेल गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। भैरों सिंह रेलवे में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनका मकसद समाज को यह संदेश देने का है कि बगैर दहेज के भी शादी की जा सकती है। सामूहिक विवाह करने से फिजूलखर्ची से बचा सकता है। उन्होंने बेटियों की शादी दिन में इसलिए की, ताकि रात में होने वाले लाइटिंग के खर्च से बचा जा सके।
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