हास्पिटैलिटी फर्म ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल कंपनी के 200 करोड़ डॉलर (13,770 करोड़ रुपये) के शेयर निवेशकों से खरीदेंगे। वे यह शेयर केमैन आइलैंड रजिस्टर्ड अपनी कंपनी आरए हॉस्पिटैलिटी होल्डिंग्स से माध्यम से खरीदेंगे।
इसके लिए आरए हॉस्पिटैलिटी होल्डिंग्स ने कंपनी के शुरुआती निवेशकों से शेयर बायबैक करने का समझौता किया है। इसके बाद 25 वर्षीय अग्रवाल की कंपनी में हिस्सेदारी तीन गुना बढ़कर करीब 30 फीसदी हो जाएगी। फिलहाल कंपनी में उनकी हिस्सेदारी नौ से 10 फीसदी है। इस डील के आधार पर ओयो का वैल्युएशन 1,000 करोड़ डॉलर (करीब 70,000 करोड़ रुपये) हो जाएगा।
ओयो की ओर से जारी एक बयान में दी गई जानकारी के मुताबिक लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स और सिकोइया कैपिटल रितेश को अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करने के लिए अपनी होल्डिंग का हिस्सा बेचेंगे। कंपनी में इनका बाकी निवेश बना रहेगा, जो ओयो के लॉन्ग टर्म मिशन का हिस्सा है। सिकोइया कैपिटल के पास ओयो में 10.24 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि लाइट्सपीड में 13.4 फीसदी हिस्सेदारी है।
रितेश अग्रवाल ने 2013 में ओयो होटल्स एंड होम्स की स्थापना की थी। इसके मौजूदा पोर्टफोलियो में 23,000 से ज्यादा होटल और 46,000 से ज्यादा वेकेशन होम्स हैं। सॉफ्टबैंक विजन फंड के मैनेजिंग पार्टनर मुनीश वर्मा ने कहा, रितेश और उनकी टीम ने ओयो के रूप में भारत से एक वैश्विक ब्रांड खड़ा किया है। हमें ओयो के लिए रितेश के विजन पर पूरा भरोसा है।
लाइटस्पीड इंडिया पार्टनर्स एडवाइजर्स के पार्टनर बेजुल सोमैया ने कहा, लाइटस्पीड ओयो की इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर रही है। वह रितेश और ओयो की टीम की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। सिकोइया कैपिटल इंडिया एडवाइजर्स के एमडी मोहित भटनागर ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए।
इस महीने की शुरुआत में, ओयो ने कहा था कि यह कमरे की गिनती के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी होटल श्रृंखला के रूप में उभरा है, अमेरिका और यूरोप में इसका मजबूत विकास हो रहा है।