आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल (आईआईएस) वैश्विक मानकों और बाजार की मांग के अनुरूप छात्रों का कौशल विकास करेगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को यहां आईआईएस के शिलान्यास के मौके पर कहा कि इस संस्थान में प्रतिवर्ष पांच हजार छात्रों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित 70 फीसदी छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के जरिये ही रोजगार मिल जाएगा।
उन्होंने कहा, 2024 तक भारतीय अर्थव्यवस्था को पचास खरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। गृहमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के जरिये छात्रों को रोजगार सृजन करने लायक बनाना है। भारत युवाओं का देश है। इसी कारण गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास पर काम शुरू किया था।
2014 में प्रधानमंत्री बनने के साथ ही कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया। 2020 तक एक करोड़ युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय, गुजरात सरकार और टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के सहयोग से आईआईएस बनाया जा रहा है। गुजरात सरकार ने संस्थान के लिए 20 एकड़ जमीन दी है। आईआईएस मुंबई और आईआईएस गांधीनगर पीपीपी मोड से चलेंगे।
आईआईएस में इसी सत्र से दाखिला
कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री महेंद्र पांडे ने कहा, आईआईएस में विश्वस्तरीय विषयों में कौशल विकास किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2020 से आईआईएस मुंबई व गांधीनगर में दाखिले शुरू हो जाएंगे। 12 वीं के बाद छात्र यहां दाखिला ले सकेंगे। इसके अलावा आईआईटी में पढ़ाये जाने वाले विषयों- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस, रक्षा, तेल एवं व गैस आदि के क्षेत्र में प्रशिक्षण मिलेगा।
मोदी सरकार की योजनाएं बहुत अच्छी : रतन टाटा
यहां मौजूद टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा, हमारे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सरकार के अन्य सदस्यों के पास भारत के लिए एक दृष्टिकोण है। जो हमारे पास है उस पर केवल गर्व किया जा सकता है।
मोदी सरकार की योजनाएं बहुत अच्छी हैं। यदि मेरी उम्र 20 साल होती तो सरकार की ट्रेनिंग संबंधी इन योजनाओं को अपनाता, क्योंकि डिग्री के साथ-साथ हमारा कौशल विकास बेहद जरूरी है। जल्द से जल्द आईआईएस गांधीनगर और आईआईएस मुंबई का निर्माणकार्य पूरा हो जाएगा।
-रतन टाटा, टाटा समूह के अध्यक्ष