फॉर्मूला-ई रेस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एबीसी) ने बृहस्पतिवार को बीआरएस नेता के टी रामा राव से सात घंटे पूछताछ की। वहीं मीडिया से बातचीत में राव ने कहा कि अधिकारियों ने उनसे 80 से अधिक सवाल पूछे। उन्होंने एजेंसी के अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया। जरूरत पड़ने पर उन्होंने फिर हाजिर होने की प्रतिबद्धता जताई। अपने खिलाफ मामले को झूठा और तर्कहीन बताते हुए उन्होंने दावा किया कि जांचकर्ता 'सरकारी दबाव' में काम कर रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला किया। इस बीच मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ रामा राव की आलोचना का जवाब देते हुए कांग्रेस एमएलसी बालमूरी वेंकट ने कहा कि बीआरएस नेता ने खुद अपनी चूक (रेस आयोजकों को धन हस्तांतरित करने में) को स्वीकार किया है। इसकी जांच की जा रही है।
केटीआर के साथ उनके वकील भी एसीबी कार्यालय पहुंचे। तेलंगाना हाईकोर्ट ने बुधवार को एक वकील को एसीबी कार्यालय में उनके साथ जाने की अनुमति दी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वकील को उस कमरे में नहीं रखा जाएगा, जहां एसीबी के अधिकारी केटीआर से पूछताछ करेंगे। अदालत ने बताया कि वकील को ऐसे कमरे में रखा जाएगा, जहां से वे अपने क्लाइंट को देख सकेंगे।
हैदराबाद को महत्वपूर्ण केंद्र बनाना था: केटीआर
एसीबी के समक्ष अपनी उपस्थिति से पहले केटीआर ने कहा कि जब वे पिछले शासन में मंत्री थे तो उनका एजेंडा हैदराबाद को महत्वपूर्ण केंद्र बनाना था क्योंकि दुनिया इस ओर बढ़ रही थी और फॉर्मूला-ई रेस उस महत्वाकांक्षी दृष्टि का एक हिस्सा था। उन्होंने कहा, "
फॉर्मूला ई रेस हैदराबाद की ब्रांड छवि को बढ़ाने के लिए थी।" इस मामले का एक और आरोपी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार बुधवार को एसीबी के समक्ष पेश हुए। आज वे पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश हुए।
तेलंगाना एसीबी हेडक्वार्टर में छह जनवरी को हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला था, जब उन्होंने केटीआर को इस मामले की जांच के सिलसिले में कार्यालय बुलाया था, लेकिन उन्होंने अपने वकील की मदद से एसीबी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था। हालांकि, मजबूर होकर केटीआर को अपना बयान कार्यालय के बाहर ही देना पड़ा।
क्या है पूरा मामला
रामा राव और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन का मामला दर्ज किया है। यह हैदराबाद में फरवरी 2023 में आयोजित फॉर्मूला-ई रेस के दौरान किए गए कथित भुगतान में अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। इस मामले में उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष 16 जनवरी को पेश होना है।
ईडी की प्राथमिकी में पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के बेटे केटीआर आरोपी संख्या-1 के रूप में नामित किया गया गया है। इसके अलावा, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अरविंद कुमार को आरोपी संख्या-2 और सेवानिवृत्त अधिकारी बीएलएन रेड्डी को आरोपी संख्या-3 के रूप में नामित किया गया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मामला करीब 55 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़ा है, जिसमें से कुछ भुगतान बिना अनुमोदन (अप्रूवल) विदेशी मुद्रा में किए गए थे और यह भुगतान फॉर्मूल-ई रेस के आयोजन के लिए किया गया था।
दिसंबर 2024 में एसीबी ने पिछले बीआरएस शासन के दौरान 2023 में रेस आयोजित करने के लिए केटीआर और दो अन्य के खिलाफ कथित भुगतान पर मामला दर्ज किया था, इसमें से अधिकांश विदेशी मुद्रा में बिना मंजूरी के थे। बता दें कि पिछले बीआरएस शासन के दौरान 2023 नगरपालिका प्रशासन मंत्री थे