देश में एक बार फिर कोरोना बढ़ता जा रहा है। कोरोना का नया सब वेरिएंट जेएन-1 चिंता का विषय बना हुआ है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि फिलहाल कोरोना से घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह खतरनाक नहीं हैं। यह चिंता का विषय नहीं है। हालांकि, स्वामीनाथन का कहना है कि सावधानी बरतने की आवश्यकता जरूरी है। लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता नहीं है। बता दें, स्वामीनाथन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की प्रमुख भी रह चुकी हैं।
हवादार क्षेत्रों में रहने की कोशिश करें
एक साक्षात्कार में स्वामीनाथन ने बताया कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है। हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारे पास सुझाव देने के लिए फिलहाल कोई डाटा नहीं है। हमें सिर्फ सामान्य बचाव उपाय की आवश्यकता है। हमें सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। लोगों को बिना मास्क के कम वेंटिलेशन वाली जगह में रहने से बचना चाहिए। आप ऐसे किसी क्षेत्र में हैं तो मास्क जरूर पहने। किसी संक्रमित व्यक्ति के पास जाने से थोड़ा बचें। खुली जगह में रहने की कोशिश करें। अगर बुखार या सांस फूलने जैसी कोई भी समस्या होती है तो अस्पताल जरूर जाएं। उन्होंने आगे कहा कि हमें यह ध्यान देना होगा कि अभी सर्दी का मौसम है। हमें सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। भारत में अब तक 21 मामले सामने आए हैं, जिससे लोगों में फिर से घबराहट हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बताया है कि वर्तमान साक्ष्यों के आधार पर जेएन-1 का जोखिम कम है।
हल्के में न लें खांसी-जुकाम
द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल के निदेशक डॉ. ईश्वर सिंह का कहना है कि इस मौसम में खांसी-जुकाम होना आम बात हैं, लेकिन कोरोना के बदले स्वरूप के आने में बाद इसे हल्के में नहीं ले सकते। यदि किसी मरीज को खांसी-जुकाम लंबे समय से है तो उसे कोरोना की जांच करवानी चाहिए। ऐसे मरीजों में कोरोना के मामले मिल सकते हैं। हालांकि, अभी तक आए मामलों में यह ज्यादा गंभीर नहीं पाया गया है, लेकिन बचाव के लिए सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है।
कोविड नियमों का पालन करें
- मास्क पहनें
- अपने हाथों को बार-बार साफ करें
- सामाजिक दूरी बनाएं
इन लोगों को ज्यादा खतरा
- बुजुर्ग
- बच्चे
- मधुमेह, उच्च रक्तचाप और सांस के मरीज
- कैंसर, दिल व अन्य रोगों से बीमार लोग
कोरोना के शुरुआती लक्षण
- लगातार बुखार रहना
- सूखी खांसी
- थकान
- सांस लेने में तकलीफ
- नाक बहना
- गले में खराश
- नाक बंद होना