जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में उग्रवादियों और एक ही समुदाय के ग्रामीण स्वयंसेवकों के बीच गोलीबारी में चार हथियारबंद लोगों की मौत हो गई। वहीं, कांगपोकपी जिले में बम धमाके में सैकुल से पूर्व विधायक यमथोंग हाओकिप की पत्नी की जान चली गई।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को मोलनोम इलाके में मुठभेड़ में यूनाइटेड कुकी लिबरेशन फ्रंट (यूकेएलएफ) के एक उग्रवादी और एक ही समुदाय के तीन ग्रामीण स्वयंसेवकों की मौत हो गई। इसके जवाब में स्वयंसेवकों ने यूकेएलएफ के स्वयंभू प्रमुख एसएस हाओकिप का घर फूंक दिया। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी की वजह पलेल इलाके में उगाही पर नियंत्रण हो सकती है। मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालात नियंत्रण में हैं। राज्य में बीते साल मई से इंफाल घाटी में रहने वाले मैतेई और पड़ोसी पर्वतीय इलाकों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जारी जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
कचरा जलाने पर हुआ धमाका
पुलिस ने बताया कि कांगपोकपी जिले में सैकुल के पूर्व विधायक थमथोंग की पत्नी चारुबाला (59) ने घर के बगल में रखे कचरे को जब शनिवार शाम जलाया, तो उसमें विस्फोट हो गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। चारुबाला मैतेई समुदाय से थीं और कुकी जोमी के प्रभुत्व वाले कांगपोकपी जिले में रहती थीं। यमथोंग ने 2012 और 2017 में दो बार कांग्रेस के टिकट पर सैकुल सीट से जीत हासिल की थी। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए थे। विस्फोट के समय यमथोंग भी घर पर ही थे लेकिन वह बच गए।