पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहाराव देश सबसे बड़े कार सेवक थे और अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर में उनकी प्रतिमा लगनी चाहिए। राष्ट्रवादी शिवसेना के अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने कहा कि अगर पीवी नरसिंहराव प्रधानमंत्री न होते तो अयोध्या का विवादित ढांचा कारसेवकों के लिए ढहा पाना नामुमकिन था। इसलिए अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राममंदिर परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा लगनी चाहिए। इसके अलावा गोयल ने मांग की है कि बाबरी मस्जिद को तोड़ जाने को षडयंत्र न कहा जाए।
जय भगवान के अनुसार नरसिंह राव देश के प्रधानमंत्री थे। उन्होंने विवादित ढांचे को तोडऩे के लिए मौन धारण कर लिया था। इसके हमारा काम काफी आसान हो गया था। सही शब्दों में वह सच्चे कारसेवक थे। इसलिए पीवी नरसिंहाराव को इसका सम्मान मिलना चाहिए और कारसेवकपुरम में उनकी भव्य प्रतिमा लगाई जानी चाहिए।
गोयल का कहना है कि विवादित ढांचे को तोडऩे के लिए कोई साजिश या षडयंत्र नहीं रचा गया था, बल्कि बाकायदा शिवसैनिकों, कारसेवकों ने उसे गिराया था। इसलिए इसे षडयंत्र कहना करोड़ो हिन्दू की आस्था को अपमानित करने जैसा है।
इसलिए षडयंत्र कहने वालों को हिन्दू समाज से माफी मांगी मांगनी चाहिए। गौरतलब है कि भगवान गोयल भी अयोध्या में विवादित ढांचे को ढहाए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, डा. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और उ.प्र. के तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के साथ आरोपी हैं। जय भगवान का कहना है कि बाबरी मस्जिद ढहाने को षडयंत्र कहना हिन्दू समाज के साथ अपमान है। उन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़े जाने को लेकर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की है।
राष्ट्रवादी शिवसेना प्रमुख के मुताबिक केन्द्र और राज्य में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार है। केन्द्र में प्रधानमंत्री मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री योगी हैं। इसलिए केन्द्र और राज्य सरकार को चाहिए कि वह 2019 से पहले अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराए। इसके अलावा वाराणसी और मथुरा में भी विवादित ढांचे को हटाकर वहां भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए।