राज्यसभा में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) बिल पास हो गया। राज्यसभा से पास हो जाने के बाद अब इसके 1 जुलाई से देश भर में लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। राज्यसभा में इसके पास होने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार के जीएसटी पर अपना समर्थन दिया। उन्होंने इसके संदर्भ में कांग्रेस के नेता जयराम रमेश को सलाह भी दी।
दरअसल, इसके पास होते ही पहली बार देखा गया जब कांग्रेस और सत्तारुढ़ सरकार के बीच एक सहमति देखी गई। इसकी वजह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हैं। कांग्रेस लंबे समय से इस बिल में कई संसोधन की मांग उठा रही थी, लेकिन मनमोहन सिंह के समर्थन ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। बिल के पास होने के बाद मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को बधाई दी।
कांग्रेस के नेता जयराम रमेश और विवेक तनका इस वक्त मौजूद थे, लेकिन उन्होंने संसोधन की मांग नहीं उठाई। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक जयराम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की राय के बाद विरोध नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह जीएसटी परिषद में आने वाली अच्छी सहमति को परेशान करेगा और यह एक नए संघीय ढांचे के लिए एक गलत संकेत भी भेजेगा।
राज्यसभी में एनडीए के पास 245 में से सिर्फ 74 सीटें हैं, इसके बावजूद ये बिल पास हो गया। जयराम ने कहा कि संसोधनों पर जोर न देने की सलाह मनमोहन सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि हम बस इसलिए ये कह रहे हैं ताकि पूर्व प्रधानमंत्री और अब के प्रधानमंत्री में फर्क पहचाना जा सके। पूर्व प्रधानमंत्री एक स्टेट्समेन हैं, जबकि अब के प्रधानमंत्री राजनीतिज्ञ हैं।