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Pranab Mukherjee: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सेहत में नहीं हो रहा कोई सुधार, वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया

Sat, 15 Aug 2020 11:53 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रणब मुखर्जी
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत में शनिवार को भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। पूर्व राष्ट्रपति 10 अगस्त को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए और उनकी सैन्य रिसर्च एवं रेफरल (आर एंड आर) अस्पताल में ब्रेन सर्जरी हुई थी। 

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दिल्ली छावनी स्थित आर एंड आर अस्पताल ने पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी के चिकित्सा हालत के बारे में जानकारी दी। अस्पताल ने कहा, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की स्थिति में आज सुबह कोई बदलाव नहीं हुआ। वह फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा बारीकी से उनकी निगरानी की जा रही है। 
 

बता दें कि 84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को यहां सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां चिकित्सीय जांच में सामने आया कि उनके मस्तिष्क में एक बड़ा सा थक्का है, जिसके बाद उनकी मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। कोविड-19 जांच में उनके संक्रमित होने की भी पुष्टि हुई थी। 
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निधन की अफवाहों पर बेटे अभिजीत ने जताई नाराजगी
इससे पहले, प्रणब मुखर्जी का निधन होने की कई अफवाहें फैल गई थीं, जिसे लेकर सांसद और उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने नाराजगी जताई थी। प्रणब मुखर्जी के निधन की अफवाहों को लेकर अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट किया था, ‘मेरे पिता श्री प्रणब मुखर्जी अब भी जिंदा है और ‘हेमोडायनामिक’ तौर पर स्थिर हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘कई वरिष्ठ पत्रकारों के सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने से स्पष्ट हो गया है कि भारत में मीडिया फर्जी खबरों की एक फैक्टरी बन गई है।’

उन्होंने यह भी लिखा, 'जब मैं देखता हूं कि भारत में कोरपोरेट मीडिया घराने, कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया पर लोग सुर्खियों में रहने के लिए जानबूझकर फर्जी खबरों का धंधा करने लगते हैं तो मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। एक ही झटके में एक जीवित व्यक्ति को मृत बनाने के लिए कितना गिर जाते हैं वे।'

मुखर्जी की बेटी एंव कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी ट्वीट किया, 'मेरे पिता के बारे में आ रही खबरें गलत हैं। मैं विशेषकर मीडिया से अनुरोध करती हूं, कि मुझे फोन न करें.... ताकि अस्पताल से कोई भी अद्यतन जानकारी आने के समय मेरा फोन ‘बिजी’ ना हो।' बता दें कि मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के राष्ट्रपति रहे हैं। 

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