फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...जब भारत रत्न प्रणब मुखर्जी ने साहित्यकारों को प्रदान किया था 'अमर उजाला शब्द सम्मान'

Mon, 31 Aug 2020 10:05 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अमर उजाला शब्द सम्मान में मौजूद प्रणब मुखर्जी - फोटो : फाइल
विज्ञापन

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार को निधन हो गया। राजनीति की दुनिया में सर्व सम्मानित मुखर्जी साहित्य में भी रुचि रखते थे। पिछले साल अमर उजाला की ओर से शब्दों की महान परंपरा के सतत सम्मान और श्रेष्ठतम सृजन को रेखांकित करने के लिए शुरू किया गया ‘अमर उजाला शब्द सम्मान’ उन्होंने ही प्रदान किया था। 

विज्ञापन


कार्यक्रम के दौरान मंच पर पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी, अमर उजाला के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजुल माहेश्वरी, समूह सलाहकार संपादक यशवंत व्यास, वरिष्ठ कवि मंगलेश डबराल और विश्वनाथ त्रिपाठी थे। राजुल माहेश्वरी ने प्रणव दा को शॉल देकर सम्मानित किया था। इस शृंखला में दो सर्वोच्च अलंकरण 'आकाशदीप' हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष आलोचक नामवर सिंह और भारतीय भाषाओं के लिए विख्यात नाटककार और फिल्मकार गिरीश कारनाड को दिए गए थे। 



इस कार्यक्रम को लेकर मुखर्जी ने अमर उजाला की सराहना भी की थी। उन्होंने कहा था, 'सभी निर्णायक मंडल के सम्मानित सदस्यों यह मेरे लिए सम्मान का विषय है कि मैं यहां हूं। मैं सभी सम्मानित लेखकों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। ज्यूरी मेंबर को बधाई कि उन्होंने इतने रचनाकारों में से श्रेष्ठ को चुना। यह अच्छी बात है कि प्रिंट मीडिया अपनी वॉच डॉग भूमिका में आया है। अमर उजाला को इसके लिए बधाई। अमर उजाला शब्द सम्मान भारतीय भाषाओं के साहित्य को सम्मानित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। मैं इस टीम को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने अपनी मातृभाषा की सीमाओं से बाहर जाकर साहित्य को समृद्ध किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें