कोरोना महामारी के खतरे के बीच कई तरह के सुरक्षा उपायों के साथ संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह समेत कई नेताओं ने सदन में अनुपस्थित रहने के लिए उच्च सदन की अनुमति मांगी है। इस संबंध में बुधवार को राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सांसदों ने स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी मांगी है।
मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडीस और पी चिदंबरम ने भी इन्हीं वजहों से अनुपस्थित रहने के लिए कहा है। इनके अलावा वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के परिमल नथवाणी, अन्नाद्रमुक के ए।नवनीतकृष्णन, नागा पीपुल्स फ्रंट के केजी केने, तेलंगाना राष्ट्र समिति के बंदा प्रकाश और लक्ष्मीकांत राव, मनोनीत सांसद नरेंद्र जाधव, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के हिशे लाचुंग्पा, तृणमूल कांग्रेस के मानस रंजन भुनिया, पाटली मक्कल काची की अंबुमणि रामदास, आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार गुप्ता और जनता दल (यूनाइटेड) के महेंद्र प्रसाद ने भी छुट्टी मांगी है।
सोमवार को, सदन को सूचित किया गया कि तृणमूल कांग्रेस के सुभाशीष चक्रवर्ती और सुखेंदु शेखर रे ने भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर सत्र से दूर रहने की अनुमति मांगी थी।
बता दें कि कोविड-19 के खतरे को देखते हुए इस बार के संसद सत्र में सामाजिक दूरी समेत कई तरह के रोकथाम के उपाय किए गए हैं। इस बार राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच आयोजित की जा रही है। कुछ सदस्यों को सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए गैलरी और लोकसभा कक्षों में बैठना पड़ रहा है। सत्र में भाग लेने से पहले सांसदों को सोमवार को अनिवार्य कोविड-19 परीक्षा से भी गुजरना पड़ा।