मारिया का कहना है कि खबरी से टिप मिलने के दूसरे दिन मैंने बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट को फोन किया। उनसे पूछा कि क्या आप गुलशन कुमार को पहचानते हैं? पहले तो सुबह-सुबह मेरा फोन आने से महेश भट्ट अचरज में पड़ गए थे, लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि हां, गुलशन कुमार को पहचानता हूं। मैं उनकी एक फिल्म का निर्देशन कर रहा हूं। भट्ट ने इसकी भी पुष्टि की कि गुलशन कुमार सुबह शिव मंदिर जाते हैं।
यूपी पुलिस और कमांडो की सुरक्षा में थे गुलशन कुमार
मारिया का कहना है कि उन्होंने मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से गुलशन कुमार को सुरक्षा देने को कहा था। लेकिन 12 अगस्त, 1997 को फोन आया कि गुलशन कुमार की उसी शिव मंदिर में हत्या कर दी गई है। जब पुलिस सुरक्षा की जांच की तो पता चला गुलशन की सुरक्षा उत्तर प्रदेश की पुलिस और कमांडो संभाल रहे थे।
इस कारण मुंबई पुलिस ने अपनी सुरक्षा वापस ले ली थी। मारिया के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस सतर्कता से गुलशन की सुरक्षा कर रही थी, लेकिन जान जाने का संकट टल जाने के बाद उसकी सतर्कता कम हो गई। इसी मौके का फायदा उठाकर गुलशन कुमार की हत्या कर दी गई।