महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने मंगलवार को ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। पाटिल दक्षिण मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पिछले पांच साल से पूर्व मंत्री का पार्टी में शामिल होने का इंतजार कर रहे थे।
फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि की वजह से लोग भाजपा की ओर आकर्षित हुए हैं। पाटिल पुणे जिले की इंदापुर सीट से चार बार विधायक रहे हैं, लेकिन वह 2014 का विधानसभा चुनाव राकांपा के दत्तात्रेय भरणे से करीबी अंतर से हार गए थे। कांग्रेस और राकांपा ने पिछला चुनाव अलग-अलग लड़ा था।
पाटिल ने बारामती लोकसभा सीट पर राकांपा की सांसद सुप्रिया सुले की जीत सुनिश्चित करने के लिए उनका समर्थन किया था। उन्हें उम्मीद थी कि इसके बदले में शरद पवार नीत पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में इंदापुर सीट से उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेगी। यह सीट बारामती लोकसभा क्षेत्र में पड़ती है।
इंदापुर से भाजपा प्रत्याशी हो सकते हैं पाटिल
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में पाटिल के साथ उनकी बेटी अंकिता और बेटे राजवर्धन भी थे। अंकिता पुणे जिला परिषद की सदस्य हैं। वह 1995 में निर्दलीय चुनाव जीते थे। वह 1999 से 2014 के कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार में मंत्री थे। वह कांग्रेस में 2009 में शामिल हुए थे और उन्हें सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभागों का मंत्री बनाया गया था। फडणवीस ने संकेत दिया कि पाटिल इंदापुर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं।
वहीं, नवी मुंबई मं एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री गणेश नायक भी भाजपा में शामिल हो गए। वह भी सीएम फडणवीस की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए।