पूर्व मंत्री मधुकर पिचड 1980 से 2009 तक अहिल्यानगर जिले के अकोले विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले आदिवासी समुदाय के एक प्रमुख नेता थे। वे कई सरकारों में मंत्री रहे। शिवसेना भाजपा गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद वह विधानसभा में विपक्ष के नेता बने थे।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे मधुकर पिचड का शुक्रवार को नासिक के एक अस्पताल में बीमारी के चलते निधन हो गया। उन्होंने 84 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। एनसीपी नेता और उनके साथी रहे छगन भुजबल ने बताया कि पिचड को पिछले महीने ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें संक्रमण हो गया और पांच-छह दिन पहले उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था।
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पूर्व मंत्री मधुकर पिचड 1980 से 2009 तक अहिल्यानगर जिले के अकोले विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले आदिवासी समुदाय के एक प्रमुख नेता थे। वे कई सरकारों में मंत्री रहे। शिवसेना भाजपा गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद वह विधानसभा में विपक्ष के नेता बने। 1999 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और शरद पवार की एनसीपी में शामिल हो गए। उन्होंने विलासराव देशमुख के नेतृत्व वाली सरकार में आदिवासी विकास मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
2019 में वह और उनके बेटे, पूर्व विधायक वैभव पिचाड भाजपा में शामिल हो गए थे। बताया जाता है कि पिचड राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने 1961 में अमृतसागर मिल्क को-ऑपरेटिव अकोले की स्थापना की। वे अगस्ती सहकारी चीनी कारखाने के संस्थापक अध्यक्ष थे, जो 1993 में स्थापित भारत का पहला सहकारी चीनी कारखाना है। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1972 में हुई। सबसे पहले वह जिला परिषद सदस्य बने। 1972 में उन्होंने पंचायत समिति अकोले के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और 1980 तक इस पद रहे।
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1991 में पहली बार बने मंत्री
मधुकर पिचड सबसे पहले 1991 में जनजातीय विकास मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री चुने गए। इसके बाद छह मार्च 1993 को जनजातीय विकास मंत्रालय, डेयरी विकास मंत्रालय, पर्यटन विकास, पशुपालन और मत्स्य मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री रहे। इसके बाद विलासराव देशमुख सरकार में भी 1999 में जनजातीय विकास मंत्री बने। 11 जून 2013 को भी वह जनजातीय विकास मंत्रालय, घुमंतू जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय में मंत्री बने।