दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जयंतनाथ सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने के बाद भी दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष बने रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली सरकार की लंबित याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व न्यायाधीश और डीईआरसी अध्यक्ष को सेवा विस्तार दिया।
दिल्ली की आप सरकार और उपराज्यपाल वीके सक्सेना के बीच डीईआरसी चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर छिड़े विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने चार अगस्त 2023 को दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जयंतनाथ को डीईआरसी का चेयरमैन नियुक्त किया था। सोमवार को दिल्ली सरकार की ओर से मामले में लंबित एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनवाई की। इस याचिका में दिल्ली सरकार ने कहा कि अगर पूर्व न्यायाधीश जयंतनाथ का कार्यकाल 65 साल से अधिक बढ़ाया जाता है तो सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।
वहीं उप राज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से पेश हुए वकील संजय जैन ने भी कहा कि अगर पीठ कुछ वक्त के लिए मामले में आयु सीमा के प्रावधान को हटा देती है तो उन्हें भी कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद पीठ ने कहा कि पूर्व न्यायाधीश जयंतनाथ अब डीईआरसी मामलों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दिल्ली सरकार की मुख्य याचिका पर फैसला होने तक वह पद पर बने रह सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली सरकार और एलजी कार्यालय की सहमति दर्ज की और न्यायमूर्ति नाथ का कार्यकाल बढ़ा दिया।
दरअसल, डीईआरसी चेयरमैन की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष है। पूर्व न्यायाधीश जल्द ही 65 वर्ष के होने वाले हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने जून 2023 में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उमेश कुमार की राष्ट्रीय राजधानी के विद्युत नियामक प्राधिकरण के प्रमुख के रूप में नियुक्ति की थी। इसे लेकर दिल्ली सरकार ने आपत्ति जताई थी और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति कुमार की डीईआरसी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति आप सरकार और केंद्र के बीच टकराव का एक और मुद्दा बन गई है।
मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई 2023 को कहा था कि संवैधानिक पदों पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल वीके सक्सेना को राजनीतिक कलह से ऊपर उठना होगा और इस बात पर विचार-विमर्श करना होगा कि राष्ट्रीय राजधानी के बिजली नियामक का प्रमुख कौन हो सकता है? अदालत ने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल बैठक करें और किसी एक नाम पर आम सहमति पर पहुंचें या वे तीन नामों का आदान प्रदान कर सकते हैं।
इसके बाद भी सहमति न बनने पर 20 जुलाई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह तदर्थ आधार पर एक संक्षिप्त अवधि के लिए डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी, जब तक कि इस तरह की नियुक्ति करने की उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। मामले में चार अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जयंत नाथ को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया था।