भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन एएस किरन कुमार ने कहा कि अब लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के सक्रिय होने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने एक तरह से भारत के तीसरे चंक्र मिशन यानी चंद्रयान-3 की यात्रा के संभावित अंत का संकेत दे दिया।
मिशन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे अंतरिक्ष आयोग के सदस्य कुमार ने कहा कि अगर विक्रम या प्रज्ञान से संपर्क होना होता तो अब तक हो गया होता। अब उनके पुनर्जीवित होने की कोई संभावना नहीं है। 22 सितंबर इसरो ने कहा था, चंद्रमा पर नए दिन की शुरुआत के बाद सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले विक्रम और प्रज्ञान से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं ताकि उनके जागने की स्थिति का पता लगाया जा सके।