पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के दौर में जो नेता रहे हैं, उन्हें याद करते हैं। संसद की कैंटीन में खाना परोसने वाले भी बताते हैं कि राजीव गांधी उदार मन और भले इंसान थे। ऊपर से नीचे तक, छोटे से बड़े तक सबका मान उन्हें रखना आता था। हंसता, मुस्कराता, सौम्य चेहरा, आकर्षक अंदाज रिटायर होने के करीब पहुंच चुके कर्मी की आंखों में चमक उठता है। सूत्र का कहना है कि साहब को क्रीमी बोन लेस चिकन बेहद पसंद था।
संसद की कैंटीन का खाना खाते थे राजीव
राजीव संसद की कैंटीन का खाना बड़े चाव से खाते थे। कभी डोसा तो कभी कुछ मंगवाते थे। खाना परोसने वाले की भी काफी इज्जत करते थे। सूत्र बताते हैं कि बोनलेस चिकन दरअसल इटालियन फूड है। राजीव को इतालवी खाना पसंद था। उनकी फरमाइश पर कैंटीन में इसे तैयार भी किया जाता था। एक बार उनका खाना ले जाने वाले कर्मी के मन में भी आया कि वह क्रीमी बोनलेस चिकन का स्वाद ले और उसने कैंटीन में जाकर उसे खाया भी। सूत्र का कहना है कि तब से आज तक जब भी वह बोनलेस चिकन खाता है, उसे पूर्व प्रधानमंत्री याद आ जाते हैं। अब यह उसकी भी फेवरेट डिश है।
राजीव जैसे ही हैं राहुल और सोनिया
सूत्र का कहना है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को भी विशेष अवसरों पर खाना परोस चुका है। बताते हैं राहुल और सोनिया भी खानपान के मामले में तंग नहीं करते। अमूमन वह कैंटीन का खाना कम खाते हैं। विशेष अवसरों पर ही वह खाते हैं। उनके स्टाफ के लिए जरूर कैंटीन से खाना जाता है, लेकिन किसी तरह की कोई शिकायत या विशेष फरमाइश नहीं रहती।