भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पास खुद का एयरक्राफ्ट होना चाहिए। यदि बीसीसीआई कपिल देव की सलाह को मान लेता है तो कुछ दिन पहले हवाई यात्रा के कारण खिलाड़ियों के थकान होने की बात सामने नहीं आती।
कपिल ने कहा, 'बीसीसीआई अब अच्छा पैसा कमा रहा है। उनके पास निजी हवाई जहाज होना चाहिए। इससे काफी वक्त बचेगा और टीम इंडिया के खिलाड़ियों की जिंदगी भी आसान होगी। बोर्ड अब इसे अफोर्ड कर सकता है। बोर्ड को पांच साल पहले ही ऐसा कर लेना चाहिए था।'
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक कपिल ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में कुछ क्रिकेटर अपना निजी हवाई जहाज खरीद सकते हैं। अमेरिका में शीर्ष गोल्फर अपना हवाई जहाज रखते हैं। मुझे ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता कि आखिर हमारे खिलाड़ी ऐसा क्यों नहीं कर सकते। इससे उनका काफी वक्त बचेगा।
कपिल ने कहा कि मुझे ऐसा भी लगता है कि अगर बीसीसीआई अपना जहाज खरीदती है तो खिलाड़ियों को मैच के बीच काफी वक्त मिलेगा। मुझे यकीन है कि बीसीसीआई पार्किंग चार्ज की लागत उठा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर बीसीसीआई 30-40 पैसेंजर के लिए हवाई जहाज खरीदती है तो इससे 20 नई नौकरियां भी पैदा होंगी।' उन्होंने कहा कि 100 लोगों की क्षमता वाले एक एवरेज एयरबस ए318 की किमत लगभग 500 करोड़ रुपये होती है। इसके अलावा परिचालन का खर्च अलग से होता है और यह खर्च BCCI आसानी से उठा सकती है।
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गौरतलब है कि कपिल ने तीन साल पहले भी अपना यह विचार बीसीसीआई के बड़े अधिकारियों के साथ साझा किया था। उन्होंने बोर्ड से यह भी कहा था कि होटल बिल देने के बजाय बड़े शहरों में बोर्ड को गेस्ट हाउस बनाने चाहिए। लेकिन बोर्ड विवादों में फंस गया और अब यदि हवाई जहाज खरीदने का काम किया जाता है तो इसे पैसे की बर्बादी के तौर पर देखे जाने का भी खतरा है।
उन्होंने कहा, "यही कारण है कि खिलाड़ियों का एसोसिएशन महत्वपूर्ण है। मैं पूरी तरह से बीसीसीआई से सहमत हूं कि यदि कोई खिलाड़ी अनुबंधित है तो उसे बीसीसीआई का पालन करना होगा। लेकिन यदि भारतीय खिलाड़ियों को अनुबंध किया जाए तो दुनिया भर में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए "।