पूर्व केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के प्रमुख की कमान संभाल ली है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें सोमवार को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। शपथ पद ग्रहण के दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।
महर्षिने शशिकांत शर्मा की जगह ली है जिनकी नियुक्ति 2013 में यूपीए सरकार के दौरान हुई थी। बता दें कि राजीव महर्षि को एनडीए सरकार के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है। वो गुरुवार को ही गृह सचिव पद से रिटायर हुए थे।
#Delhi: Rajiv Mehrishi takes oath as the Comptroller and Auditor General (CAG); PM Modi, President Ramnath Kovind, VP Venkaiah Naidu present pic.twitter.com/PthwbJwRe2— ANI (@ANI) September 25, 2017
गृह सचिव राजीव महर्षि के सेवानिवृत्त होने के बाद बृहस्पतिवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव गौबा ने यह पद संभाल लिया। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गौबा का दो साल का निश्चित कार्यकाल होगा। 1982 बैच के झारखंड कैडर के 58 वर्षीय गौबा को करीब दो महीने पहले गृह सचिव नियुक्त किया गया था। तब से वह गृह मंत्रालय में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्य कर रहे थे।
वहीं रंजन कुमार घोष को महालेखा परीक्षक (सीएजी) का उप-नियंत्रक नियुक्त किया गया है। वहीं वरिष्ठ नौकरशाह राजीव कुमार को वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं गुजरात कैडर की अनीता करवाल को सीबीएसई का चेयरपर्सन बनाया गया है। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 17 प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने एक आदेश जारी कर बृहस्पतिवार से ही इन नियुक्तियों को लागू कर दिया है। आईएएस अधिकारी अनीता करवाल को राजेश कुमार चतुर्वेदी की जगह नियुक्त किया गया है, जबकि राजेश को राष्ट्रीय कौशल विकास प्राधिकरण का महानिदेशक बनाया गया है।