बंगलूरू में इन्वेस्ट कर्नाटक-2025 शिखर सम्मेलन में पापांद्रेउ ने अशांति को रोकने के लिए नागरिकों को शिक्षित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज को लचीला बनाने के लिए देशों को आम लोगों पर अधिक विश्वास जताने की जरूरत है।
यूनान के पूर्व पीएम जॉर्ज पापांद्रेउ भारत के आम लोगों की सोच के मुरीद हो गए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की बुद्धि अक्सर बेहतरीन नौकरशाहों और विशेषज्ञों से कहीं बेहतर होती है। समाज को संकट से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। बंगलूरू में इन्वेस्ट कर्नाटक-2025 शिखर सम्मेलन में पापांद्रेउ ने अशांति को रोकने के लिए नागरिकों को शिक्षित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज को लचीला बनाने के लिए देशों को आम लोगों पर अधिक विश्वास जताने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि समाज को और अधिक खुला, अधिक लोकतांत्रिक, सहभागी होना चाहिए। हम अपने नागरिकों को बेहतर नागरिक बनने के लिए शिक्षित करें। हम ऐसा कम करते हैं। हम व्यवसायों के लिए शिक्षा देते हैं, नागरिक बनने के लिए नहीं। आम लोगों की बुद्धि कुछ अच्छे नौकरशाहों और विशेषज्ञों से कहीं बेहतर होती है। पापांद्रेउ ने कहा कि यूनान में जब तानाशाही शासन आया तो उनके पिता और दादा को जेल में डाल दिया गया। वह स्वीडन, फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन में निर्वासित हो गए। जिससे उन्हें खानाबदोश जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सांसद शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र की तारीफ
कार्यक्रम में तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी शाखाओं की भूमिका पृथ्वी पर हर देश को साझा परिणामों के लिए एक साथ आने का मंच प्रदान करती है। वर्तमान में अमेरिकी बहिष्कार के कारण विश्व व्यापार संगठन का विवाद समाधान तंत्र पंगु हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने युद्धों को रोकने और शांति स्थापना के लिए बेहतर काम किया है। संयुक्त राष्ट्र विश्व का दर्पण है, जो सभी असमानताओं, मतभेदों और विभाजनों को प्रतिबिंबित करता है।