फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

5,000 करोड़ के फ्रॉड में धरे गए आंध्र बैंक के पूर्व निदेशक, गुजरात की एक कंपनी को पहुंचाया था फायदा

Sat, 13 Jan 2018 02:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
आंध्र बैंक, मनी लॉन्ड्रिंग
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आंध्र प्रदेश बैंक के एक पूर्व निदेशक को गिरफ्तार किया है। 5,000 करोड़ के इस बैंक फ्रॉड में गुजरात की एक दवा कंपनी 'स्टर्लिंग बायोटेक' का नाम सामने आ रहा है। शुक्रवार को लंबी पूछताछ के बाद आंध्र बैंक के पूर्व निदेशक अरूप गर्ग को गिरफ्तार किया गया है।  बात दें कि स्टर्लिंग बायोटेक ने आंध्र बैंक की अगुवाई वाले बैंकों से 5000 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया था जो कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में बदल दिया गया था।

विज्ञापन


प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई की साझा जांच में गर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग प्रिजर्वेशन एक्ट (PMLA) के तहत आरोपी पाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक इनकम टैक्स की एक जांच में गर्ग की 2011 में एक डायरी बरामद हुई है जिसमें संदेसरा भाइयों के द्वारा उन्हें 2008-2009 में 1.52 करोड़ का सीधा ट्रांजेक्शन किया गया। 

जांच के मुताबिक गर्ग पर आरोप है कि ऐसी ही कई एन्ट्रीज इस डायरी में मिलती हैं, जिससे ये पता चलता है कि गर्ग को संदेसरा भाइयों ने बेनामी कंपनियों के जरिए बड़ी रकम दी। आरोप के मुताबिक गर्ग ने संदेसरा भाइयों की बेनामी संपत्ति को बंगाल की शेल कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाया। पिछले साल दिल्ली  में प्रवर्तन निदेशालय ने इसी मामले से जुड़े एक बिजनस मैन को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन


वहीं सीबीआई ने मामले में स्टर्लिंग बायोटेक के निदेशकों चेतन जयंतीलाल, दिप्ती चेतन संदेसरा, राजभूषण ओम प्रकाश दीक्षित, नितिन जयंतिलाल संदेसरा और विलास जोशी समेत एक सीए हेमंत हाथी और कुछ अज्ञात लोगों को हिरासत में लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें