राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा में अपने पुराने पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अगर इस लिहाज से देखें तो भाजपा दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मांगेराम गर्ग संघ के सच्चे सिपाही निकले जिन्होंने अपना पूरा जीवन सांस्कृतिक और पारिवारिक मूल्यों को सहेजे रखने में लगा दिया। इसलिए इस बात पर भी किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि मांगेराम गर्ग के परिवार में पांच बेटे, बहुएं, नाती और पोते सहित कुल 28 लोग आज भी एक साथ रहते हैं।
सतीश बताते हैं कि वह क्षण उनके लिए अद्भुत होता था जब वे रामलीला देखने के लिए चार पीढ़ियों के साथ रामलीला मैदान पहुंचते थे। सांस्कृतिक प्रेम की यह उनकी भावना ही थी जिससे प्रेरित होकर उन्होंने आदर्श रामलीला कमेटी का गठन किया था जो पिछले 45 वर्षों से आज तक लगातार चल रही है।
बहुत कम ही लोगों को मालूम होगा कि सावन के महीने में कांवड़ यात्राओं को सरकार की तरफ से सुरक्षा सहित अन्य मदद मिले, इसकी कोशिश मांगेराम गर्ग की तरफ से की गई थी। उन्होंने हरिद्वार में निष्काम सेवा ट्रस्ट की स्थापना भी की थी जो आज भी लगातार लोगों की सेवा कर रहा है।