महान क्रिकेट खिलाड़ी सर विवियन रिचर्ड्स ने शनिवार को सोशल मीडिया पर तिब्बत के स्वतंत्रता दिवस व लोसर (नव वर्ष) की शुभकामनाएं देते हुए तहलका मचा दिया।
चीन के कब्जे से तिब्बत की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए उन्हाेंने #FreedomForTibet का नारा भी अपने संदेश में दिया। उनके इस ट्वीट को हजारों लोगों ने पसंद और री-ट्वीट किया, वहीं पाकिस्तानियों को यह अखर गया।
उनकी तरह लाखों लोगों ने तिब्बत को नववर्ष की बधाई देते हुए उसकी स्वतंत्रता के समर्थन में संदेश लिखे। तिब्बती नागरिकों पर अत्याचारों के लिए चीन की आलोचना करते हुए संदेश व तस्वीरें भी पोस्ट किए गए।
इस पूरे घटनाक्रम का सोशल मीडिया पर पाकिस्तानियों ने कड़ा विरोध किया। कई गुस्साए पाकिस्तानी रिचर्ड्स के इस संदेश पर विश्वास नहीं कर पाए। कुछ तो उन्हें क्रिकेट तक सीमित रहने की सीख देते नजर आए। पाकिस्तानियों के गुस्से की वजह चीन द्वारा पाकिस्तान में भारी निवेश समझी जा रही है।
तिब्बत का स्वतंत्रता दिवस
अंग्रेजों व चीन द्वारा कब्जे के संघर्ष जूझ रहे तिब्बत में 13 फरवरी 1913 को 13वें दलाई लामा ने स्वतंत्रता की घोषणा की थी। लेकिन चीन ने सेना के बल पर 1959 में उस पर कब्जा कर लिया। अपने देश पर कब्जे के बाद निर्वासित तिब्बत के नागरिक 13 फरवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। साथ ही अपनी विरासत और संस्कृति से सभी का परिचित करवाते हुए चीन से आजादी पाने के लक्ष्य को मजबूत करते हैं।