कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मनि कुमार सुब्बा का रविवार रात नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक उन्हें दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें फॉरच्यून अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। सुब्बा 61 साल के थे और तेजपुर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सासंद थे। उनके परिवार में एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।
मनि कुमार सुब्बा का जन्म 16 मार्च 1958 को हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव देखे। सुब्बा नाउबेचा विधानसभा से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वे तेजपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़े और विजयी रहे। सुब्बा 12वीं, 13वीं और 14वीं लोकसभा में तेजपुर से लगातार सांसद चुने गए। सुब्बा असम गोरखा सम्मेलन में बतौर अध्यक्ष रहते हुए लंबे समय तक अपनी सेवाएं देते रहे।
नागरिता को लेकर उठा था विवाद
एक समय सुब्बा की नागरिकता संदेह के दायरे में आई। वे कहते थे कि उनका जन्म पश्चिम बंगाल के दार्जलिंग में हुआ था। लेकिन जब इस पर विवाद हुआ और जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा गया तो उस दौरान ये बातें सामने आई थी कि वे नेपाल से सिक्किम में आए थे। उन्होंने एक चिटफंड कंपनी भी शुरू की थी। इसके बाद असम के शोणितपुर जिले में पहुंचकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की।
छाई शोक की लहर
सुब्बा के निधन पर कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर है। गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद क्वीन ओझा ने सुब्बा के निधन पर गहरा दुख जताया और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सुब्बा के निधन पर अन्य कई नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है।