पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने आरोप लगाया कि विलियानूर और अरियापलम जैसी जगहों पर मंदिर की जमीनों को राजनीतिक प्रभाव रखने वाले व्यक्तियों के एक समूह द्वारा फर्जी स्वामित्व पत्र प्राप्त करके बेच दिए जाने के मामले सामने आए हैं। अपराधी पड़ोसी राज्य चेन्नई और पुडुचेरी के रहने वाले हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने मंगलवार को राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों द्वारा मंदिर की जमीन की कथित बिक्री और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से संपत्तियों के निपटान की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र शासित प्रदेश में कुछ स्थानों पर मंदिरों की जमीनों को इस तरह से बेचे जाने के मामले सामने आए हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया, ...विलियानूर और अरियापलम जैसी जगहों पर मंदिर की जमीनों को राजनीतिक प्रभाव रखने वाले व्यक्तियों के एक समूह द्वारा फर्जी स्वामित्व पत्र प्राप्त करके बेच दिए जाने के मामले सामने आए हैं। अपराधी पड़ोसी राज्य चेन्नई और पुडुचेरी के रहने वाले हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुडुचेरी में कामचियाम्मन मंदिर (Kamatchiamman temple) और पिल्लयार मंदिर (Pillayar temple) की जमीनें पंजीकरण विभाग के अधिकारियों के एक वर्ग की मिलीभगत से या तो बेच दी गईं या हड़प ली गईं।
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नारायणसामी ने दावा किया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने की शिकायत दर्ज होने के बावजूद स्थानीय पुलिस कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा, इसलिए सीबीआई से जांच होनी चाहिए और पुडुचेरी में मंदिर की संपत्तियां अब सुरक्षित नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुडुचेरी में कानून-व्यवस्था खस्ताहाल में है।