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Karnataka: येदियुरप्पा ने मैसूर में 'सावरकर रथ यात्रा' को दिखाई हरी झंडी, पूर्व CM सिद्धारमैया पर लगाए आरोप

Tue, 23 Aug 2022 08:14 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैसूर

सार

कार्यक्रम में बोलते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि देश भर में सावरकर के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में इस रथयात्रा के माध्यम से उनके संदेश को सबके पास पहुंचाया जाएगा। उन्होंने लोगों से सावरकर के विचारों को "हर घर और हर दिमाग" तक ले जाने का आह्वान किया।
 
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बीएस येदियुरप्पा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक भाजपा के वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा ने मंगलवार को मैसूर में 'सावरकर रथ यात्रा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ यात्रा का उद्देश्य लोगों को विनायक दामोदर सावरकर और उनके द्वारा दिए गए सिद्धांतों और मूल्यों के बारे में जानकारी देना और जागरुक करना है। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा  ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया पर भी निशाना साधा। गौरतलब है कि मैसूर सिद्धारमैया का गृह जनपद है। सिद्धारमैया सावरकर के कड़े आलोचक के रूप में जाने जाते हैं। 

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सावरकर रथ यात्रा को दिखाई हरी झंड़ी
सावरकर फाउंडेशन द्वारा आयोजित रथ यात्रा की शुरुआत येदियुरप्पा ने मैसूर पैलेस के पास श्री कोटे अंजनेय स्वामी मंदिर के परिसर में की। रथयात्रा के आयोजकों के मुताबिक, यात्रा 30 अगस्त तक मैसूर, मांड्या और चामराजनगर जिलों का दौरा करेगी।

सावरकर के विचारों को फैलाना है उद्देश्य
रथयात्रा की शुरुआत के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में येदियुरप्पा ने कहा कि सावरकर रथ यात्रा के माध्यम से हम सावरकर, उनकी विचारधारा, देश के लिए उनके बलिदान और सिद्धांतों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना चाहते हैं। साथ ही, लोगों में देशभक्ति की भावना को जगाना है।
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कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में सावरकर के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में इस रथयात्रा के माध्यम से उनके संदेश को सबके पास पहुंचाया जाएगा। उन्होंने लोगों से सावरकर के विचारों को "हर घर और हर दिमाग" तक ले जाने का आह्वान किया।

'ओछी राजनीति के लिए सावरकर को किया जा रहा बदनाम' 
उन्होंने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे। पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें वीर के रूप में संबोधित किया था, लेकिन कर्नाटक में उनके खिलाफ चल रहे दुष्प्रचार अभियान ने मुझे पीड़ा दी है। उन्होंने कहा कि यह अक्षम्य अपराध है कि सावरकर जैसे क्रांतिकारी नेता को ओछी राजनीति के लिए बदनाम किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने सिद्धारमैया पर तंज कसते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को धर्म, राष्ट्र का विचार नहीं है, वह यह भूलकर गैर-जिम्मेदाराना तरीके से बोल रहा है कि वह विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। यह उनके पद के अनुरूप नहीं है। 

मांस खाकर मंदिर जाने के मामले पर सिद्धारमैया ने दी सफाई
वहीं, मांस खाकर मंदिर जाने के आरोपों पर घिरे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने मंगलवार को सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जिस दिन मैं मंदिर गया उस दिन मांस नहीं खाया था। इस दौरान उन्होंने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भगवा पार्टी के पास कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बेकार के मुद्दों को खड़ा करती है।
 
उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मेरे हिसाब से यह कोई बात नहीं है। कई लोग मंदिर में बिना मांस खाए और कई खाकर चले जाते हैं। कई जगहों पर देवताओं को मांस चढ़ाया जाता है। सच कहूं तो मैंने उस दिन मांस नहीं खाया था। मैंने उस दिन केवल बांस शूट करी और 'अक्की रोटी' खाई थी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के पास कोई अन्य काम नहीं है और इसलिए मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है।

दरअसल, 18 अगस्त को कोडागु की यात्रा के दौरान कथित तौर पर सिद्धारमैया द्वारा मांसाहारी भोजन करने के बाद कोडलीपेट में बसवेश्वर मंदिर में प्रवेश करने पर विवाद खड़ा हो गया था। जिसके बाद भाजपा ने उनपर मांसाहारी भोजन करने के बाद मंदिर जाने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था। 

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