दिल्ली में भाजपा की नई सरकार का शपथ ग्रहण सकुशल तरीके से संपन्न हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता और एनडीए के सहयोगी दल इस अवसर पर शामिल हुए। लेकिन इतने भव्य समारोह के बाद भी शपथ ग्रहण के मंच पर एक वीआईपी कुर्सी खाली थी जिसे लेकर अब चर्चा हो रही है। यह कुर्सी किसके लिए रखी गई थी? चर्चा हो रही है कि इस सुखद अवसर पर भी भाजपा से कौन नेता नाराज था जो इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचा?
दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह के मुख्य मंच पर तीन हिस्से किए गए थे। मध्य मंच की पहली कतार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं, शपथ लेने वाले (मुख्यमंत्री और मंत्रियों) नेताओं के लिए आरक्षित था। इस पर चंद्रबाबू नायडू, ललन सिंह और एकनाथ शिंदे सहित कई बड़े एनडीए के सहयोगी नेता भी शामिल थे। मंच के दाहिनी तरफ भाजपा के सभी जीते हुए विधायक, दिल्ली के सांसद और अन्य नेताओं के लिए कुर्सियां लगाई गई थी। इसमें दिल्ली में विपक्ष के नेताओं, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और आम आदमी पार्टी की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मारलेना के लिए भी एक सीट आरक्षित रखी गई थी।
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव तो समय पर रामलीला मैदान पहुंचे, वे शपथ ग्रहण समारोह के बीच-बीच में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं मनोज तिवारी और प्रवीण खंडेलवाल से बातचीत करते हुए भी दिखाई पड़े। लेकिन आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मारलेना के लिए आरक्षित रखी गई सीट खाली थी, क्योंकि वे इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए नहीं पहुंची। हालांकि, अरविंद केजरीवाल से नाराज चल रही आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल मंच के इस हिस्से पर सबसे पहली कतार में मौजूद थी। वे भी बीच-बीच में हंसते-मुस्कराते देखी गई।
भाजपा ने की टिप्पणी
आतिशी मारलेना के शपथ ग्रहण समारोह में न पहुंचने पर टिप्पणी करते हुए दिल्ली भाजपा महासचिव विष्णु मित्तल ने कहा कि यह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को लोकतंत्र की गरिमा का कोई ध्यान नहीं है। यह एक सामान्य परिपाटी है कि शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेताओं को बुलाया जाता है। इस कार्यक्रम में भी विपक्ष के नेताओं को बुलाया गया था, लेकिन आतिशी मारलेना इस पर नहीं पहुंची। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और दिल्ली की जनता का अपमान बताया।