पूर्व मुख्य न्यायाधीश एन संतोष हेगड़े (फाइल फोटो)
जस्टिस रंजंन गोगोई के मामले में उनके खुद सुनवाई करने पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने प्रतिक्रिया दी है। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एन संतोष हेगड़े ने मंगलवार को कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई का उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में खुद सुनवाई करना कानून और नैतिकता के लिहाज से पूरी तरह गलत है।
हालांकि, हेगड़े ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय के एक पूर्व कर्मचारी द्वारा सीजेआई के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते क्योंकि वे इनकी सत्यता को नहीं जानते। भारत के सॉलीसिटर जनरल और कर्नाटक के महाधिवक्ता रह चुके हेगड़े ने पीटीआई से कहा कि, ‘प्रधान न्यायाधीश ने जो किया, वह कानून और नैतिकता के लिहाज से पूरी तरह गलत है।’
दरअसल, एक महिला ने कई जजों को पत्र लिखकर चीफ जस्टिस पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। जस्टिस गोगोई ने इसपर कहा था कि इसके पीछे कोई एक व्यक्ति नहीं है, बल्कि कई लोगों का हाथ है। इसके पीछे कोई बड़ी ताकत होगी, वे लोग सीजेआई के कार्यालय को निष्क्रिय करना चाहते हैं।