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नई किताब में इस्लाम में परिवार नियोजन से जुड़ा मिथक तोड़ेंगे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त कुरैशी

Tue, 12 Jan 2021 07:23 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
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एसवाई कुरैशी - फोटो : फाइल
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भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी अगले महीने बाजार में आ रही अपनी किताब में धार्मिक आधार पर भारत की आबादी और जनसांख्यिकी का विशेषण कर रहे हैं। वह अपनी किताब में इस मिथक को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं कि इस्लाम में परिवार नियोजन की मनाही है।

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किताब के प्रकाशक हार्परकॉलिंस इंडिया का कहना है, 'द पॉपुलेशन मिथ : इस्लाम, फैमिली प्लानिंग एंड पॉलिटिक्स इन इंडिया’ (आबादी का मिथक: इस्लाम, परिवार नियोजन और भारत में राजनीति) शीर्षक वाली इस किताब में जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के आधार पर 'मुसलमानों की आबादी में वृद्धि; का विस्तृत विश्लेषण होगा।

किताब में विश्लेषण किया गया है कि कैसे इन मिथकों का इस्तेमाल करके बहुसंख्यको समुदाय को डराया जाता रहा है। एसवाई कुरैशी अपनी किताब में तथ्यों का उपयोग कर इन मिथकों को तोड़ने और यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि कैसे परिवार नियोजन सभी समुदायों के हित में है।
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जानकारी के अनुसार यह किताब 15 फरवरी को बाजार में आएगी। इस किताब में कुरान और हदीस के हवाले से बताया गया है कि कैसे इस्लाम दुनिया के पहले ऐसे कुछ धर्मों में से एक है जिसने छोटे परिवार की वकालत की है, इसलिए ज्यादातर इस्लामिक देशों में जनसंख्या नीतियां लागू हैं।

कुरैशी ने दलील दी है, 'दशकों से भारतीयों को यह दुष्प्रचार घुट्टी की तरह घोल कर पिलाया गया कि मुसलमान ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं ताकि हिंदुओं पर बढ़त पा सकें, और इसी तरह से मुसलमान राजनीति सत्ता पर कब्जा करने की सोच रहे हैं।'

उन्होंने कहा, 'इस विचारधारा को मजबूत बनाने के लिए मुसलमानों के प्रति असभ्य नारेबाजी जैसे... 'हम पांच, हमारे पच्चीस’ या 'हम चार, हमारे चालीस' को शीर्ष राजनीतिक स्तर पर बार-बार दोहराया गया है। दूसरी ओर, कई मुसलमान भी मानते हैं कि इस्लाम भी परिवार नियोजन के खिलाफ है।'

कुरैशी ने कहा, 'इस पुस्तक के माध्यम से इन्हीं दोनों मिथकों और अन्य भ्रम को दूर करने का प्रयास किया गया है। इस किताब में जनसांख्यिकी, धार्मिक, प्रशासनिक, नीतिगत और परिसंवाद और जनसंख्या पर बात की गई है।' कुरैशी 1971 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए और बाद में देश के 17वें मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे।

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