कर्नाटक में खनन माफिया के नाम से मशहूर रेड्डी बंधुओं के केस की सुनवाई में हो रही देरी को देखते हुए सीबीआई के पूर्व निदेशक डीआर कार्तिकेयन ने सरकार और सरकारी मशीनरी पर सवालिया निशान लगाया है। डीआर कार्तिकेयन ने कहा कि पूरे मामले में देरी की वजह के लिए सीबीआई को दोष नहीं दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस पूरी देरी की वजह है उस राज्य की संबंधित सरकार और वह विभाग जिसकी नाक के नीचे रेड्डी बंधुओं ने यह घोटाला किया है। यही नहीं कुछ मामलों में अपराधी चालाक वकीलों को खूब सारे पैसे देकर भी पूरे मामले में देरी कराते हैं। वकील भी पूरे मामले की सुनवाई में देरी कर सकते हैं।
बता दें कि कर्नाटक के रेड्डी भाइयों से जुड़े अवैध लौह अयस्क खनन मामलों में जांच पूरी करने के लिए सीबीआई की क्षमता और संसाधन पर सवाल उठता रहा है। जिसपर पूर्व निदेशक ने कहा है कि देरी की वजह सीबीआई नहीं बल्कि सरकार और विभाग होता है। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी पर कई बार दबाव की संभावना तब रहती है जब अपराधी अत्यधिक प्रभावशाली हो और रेड्डी मामले में ऐसे संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।