बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में फरार चल रहीं पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने सरेंडर कर दिया है। उन्होंने एक गाड़ी में तीन लोगों के साथ आकर चुपचाप बेगूसराय जिले के मंझौल न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। वह इजलास में आकर बेहोश हो गईं और थोड़ी देर बाद ही खड़ी भी हो गईं। बाद में उनके इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया गया। उनपर आर्म्स एक्ट का केस चल रहा है।
शनिवार को ही वर्मा के बेगूसराय स्थित घर के बाहर संपत्ति जब्त करने संबंधी नोटिस लगा दिया गया था। मंजू वर्मा की संपत्ति जब्त करने का आदेश बेगूसराय की मंझौल अदालत ने दिया था। इससे पहले शुक्रवार सुबह बिहार पुलिस के एडीजी एसके सिंघल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा था कि अगर मंजू वर्मा जल्द आत्मसमर्पण नहीं करती हैं तो बिहार पुलिस उनकी संपत्ति जब्त करेगी। एडीजी का ये बयान उस वक्त आया जब मंजू की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट बिहार पुलिस को फटकार लगा चुका है।
मालूम हो कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 29 बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की सनसनीखेज घटना के खुलासे के बाद बिहार सहित पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई थी। इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा राजनीतिक रसूख के चलते गिरफ्तारी से बच रही हैं?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,010 वोट मिले। इनमें 89.27 फीसदी (2,687 वोट) पाठकों ने माना कि हां बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा राजनीतिक रसूख के चलते गिरफ्तारी से बच रही हैं, जबकि 10.73 फीसदी (323 वोट) पाठकों ने माना कि ऐसा नहीं है कि बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा राजनीतिक रसूख के चलते गिरफ्तारी से बच रही हैं।