शहर कोतवाली क्षेत्र में बदायूं-मथुरा हाइवे स्थित लालपुल पुलिस चौकी के पास वाहनों से ज्यादा वसूली का विरोध करने पर ठेकेदार के गुर्गों ने पीस पार्टी के टिकट पर 2012 में बदायूं शहर सीट से चुनाव लड़ चुके उस्मान गद्दी पर लाइसेंसी रिवाल्वर से गोलियां चला दीं। चार गोलियां लगने से बुरी तरह लहूलुहान हुए उस्मान गद्दी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया गया। वहां ऑपरेशन के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अभी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर नहीं दी गई है। घटना शनिवार देर रात हुई।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ऊपरपारा के रहने वाले 38 वर्षीय उस्मान गद्दी का कोई रिश्तेदार शनिवार रात ट्रैक्टर-ट्रॉली से बदायूं आ रहा था। रास्ते में लालपुल पुलिस चौकी के पास ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहन से लोडिंग-अनलोडिंग का शुल्क वसूल जाता है। यहीं पर ठेकेदार के गुर्गों ने उस्मान के रिश्तेदार की ट्रैक्टर-ट्रॉली रोक ली और वाहन पास करने के एवज में दो सौ रुपये की मांग की। फोन पर रिश्तेदारों द्वारा यह बात बताने पर उस्मान कुछ ही देर में वहां पहुंच गया, घर वहां से नजदीक ही है।
उस्मान का भी ठेकेदार के गुर्गों से तय रकम से ज्यादा वसूलने को लेकर झगड़ा हो गया। पहले तो दोनों पक्षों में मारपीट हुई। बाद में ठेकेदार के एक गुर्गे ने लाइसेंसी रिवाल्वर से उस्मान पर फायरिंग कर दी, उनके चार गोलियां लगीं। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। तनाव को देखते हुए कई थानों का फोर्स मंगा लिया गया। हाईवे पर भी काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। बरेली में इलाज कर रहे डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि उस्मान के सीने, पेट और दाहिने हाथ में चार गोलियां लगीं। तीन गोलियां अंदर ही रह गई थीं, जबकि एक आरपार हो गई थी। ऑपरेशन करके तीनों गोलियां तो निकाल दी गईं, मगर हालत अभी गंभीर बनी हुई है। उसकी आंत भी फट गई थी।
उस्मान गद्दी को राजनीति का शौक है। वह लंबे समय तक भाजपा से भी जुड़ा रहा है। बाद में उसने भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पद की कमान भी संभाली। इसके बाद वह सपा में शामिल हो गया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले उस्मान ने सपा से भी किनारा कर पीस पार्टी के टिकट पर बदायूं सदर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा। इसमें उसे करारी हार का मुंह देखना पड़ा।