गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने पिछले महीने असम में एक न्यायाधिकरण द्वारा विदेशी घोषित किए गए पूर्व सैन्य अधिकारी और असम के एक नजरबंदी केंद्र (डिटेंशन सेंटर) में भेज दिए गए मोहम्मद सनाउल्लाह को जमानत दे दी है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को भी नोटिस जारी किया है।
राष्ट्रपति पदक जीतने वाले सनाउल्लाह को कामरूप में विदेशियों के ट्रिब्यूनल ने साल 2008 में उनका नाम "डी" (संदिग्ध) मतदाता के रूप में सूचीबद्ध होने पर दर्ज एक मामले के बाद "विदेशी" घोषित किया था।
न्यायाधिकरण के फैसले के बाद, कामरूप जिले के कोलोहिकश गांव के रहनेवाले सनाउल्लाह को गोलपारा के एक नजरबंदी केंद्र में रखा गया था।
कारगिल युद्ध में अपना योगदान दे चुके सनाउल्लाह के परिवार के सदस्यों ने उन्हें "विदेशी" घोषित करने की कथित रूप से साजिश रचने के लिए असम सीमा पुलिस के खिलाफ गुवाहाटी उच्च न्यायालय में मामला दर्ज किया।
सनाउल्ला उन 40 लाख लोगों में शामिल हैं, जिनके नाम पिछले साल प्रकाशित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के अंतिम मसौदे में शामिल नहीं किए गए। सनाउल्ला 2017 में सेना से सेवानिवृत्त हुए थे । उन्हें 2014 में राष्ट्रपति पदक मिला था।