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फ़ूल बरसाने और सेना बैंड बजाने पर पूर्व सेनाधिकारियों के अलग-अलग सुर

Sun, 03 May 2020 07:11 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सेना के राजनीतिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है पूर्व नौसेनाध्यक्ष का ट्वीट
  • पूर्व वायुसेनाध्यक्ष ने कहा कि कुएं में भांग पड़ी हो तो क्या बोलना?
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Naval Salute - फोटो : ADGPI
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विस्तार
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत को पूर्व नौसेनाध्यक्ष एडमिरल अरुण प्रकाश ने खरीखोटी सुनाई है। पूर्व सैन्य जनरल ने सैन्य कमांडर को फौजी भाषा में काफी तीखा कटाक्ष किया है।

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पूर्व एडमिरल ने कहा कि यदि कोविड-19 के संक्रमण से निबटने में फूलों के पंखुड़ियों की बौछार और फ्लाईपास्ट सबसे अच्छा उपयोग है, तो ऐसा ही हो। एडमिरल के इस बयान को फौजी गलियारे में केंद्र सरकार की सैन्य बलों का राजनीतिककरण करने से भी जोड़ा जा रहा है। भारतीय सेना से रिटायर हुए ब्रिगेडियर चटर्जी का कहना है कि जो होना था, हो गया। वायुसेना ने फूल बरसाए, लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों ने फ्लाईपास्ट में हिस्सा लिया। सेना ने अस्पतालों के सामने धुन बजाई, नौसेना, कोस्टगार्ड के पोतों ने भी अपनी भूमिका निभाई, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे कोविड-19 के संक्रमण कम हो जाएगा।

न ही संक्रमण का शिकार हुए लोग इससे ठीक हो जाएगें। बिग्रेडियर का कहना है कि यह ठीक वैसे ही है, जैसे प्रधानमंत्री जी ने देश की जनता से ताली, थाली बजवाई थी या फिर दीया, मोबाइल से रोशनी करवाई थी।
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पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल पीवी नाइक का कहना है अब इसको क्या कह सकते हैं। एयरचीफ मार्शल नाइक ने कहा कि सैन्य बल हमेशा से लोगों के संकट की घड़ी में साथी रहे हैं। लॉजिस्टिक या अन्य सहयोग में आगे आए हैं। चाहे वह सुनामी हो या कोई भी प्राकृतिक आपदा हो। कोविड-19 संक्रमण को रोकने में भी सैन्यबल अपना योगदान दे रहे हैं।

पूर्व वायुसेनाध्यक्ष का कहना है कि हो सकता है यह लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए किया गया हो। अब इसे सोने पर सुहागा मान लीजिए। एयरचीफ मार्शल ने कहा कि बहुत नकारात्मक सोचने से क्या फायदा? सवाल यह भी है कि हम ऐसे ही करते रहे तो चंद्रयान कैसे अपनी मंजिल पर पहुंचेगा।

क्यों जनरल रावत पर माना जा रहा है कटाक्ष?

जनरल विपिन रावत ने ही तीनों सेना प्रमुखों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करने के बाद वायुसेना के विमानों द्वारा फ्लाई पास्ट, सेना के बैंड द्वारा अस्पतालों के पास धुन बजाने की घोषणा की थी।

पूर्व फौजी अफसरों का कहना है कि एक तरफ देश कोविड-19 के संक्रमण का सामना कर रहा है। देश में इसके बाबत चिकित्सीय सुविधा समेत अन्य क्षेत्रों में संसाधनों की समस्या आ रही है, दूसरी तरफ सैन्य बल इस तरह की रणनीति बना रहे हैं।

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